PATNA : राजभवन मार्च से पहले पुलिस ने पप्पू यादव और समर्थकों पर बरसाई लाठियां, दर्जनों चोटिल
पटना। केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ जहां दिल्ली में हजारों किसानों से आंदोलनरत हैं, वहीं दूसरी ओर तमाम विपक्षी पार्टियां आवाज मुखर कर रही है। सभी की एक ही मांग है कि केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस लें। इन्हीं कृषि कानूनों के खिलाफ राजधानी पटना के बड़ी पहाड़ी, बाइपास के पास बीते कई दिनों से जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव बीते सात दिनों से अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे थे। मंगलवार को पप्पू यादव के नेतृत्व में राजभवन मार्च का कार्यक्रम तय था। पप्पू यादव समेत अन्य समर्थक राजभवन कूच करने के लिए जाने ही वाले थे कि पुलिस की टीम धरनास्थल पर पहुंच कर घेर लिया और आगे बढ़ने से रोक दिया। उसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें पार्टी के कई नेता चोटिल हो गए हैं। बताया जाता है कि शीतलहर के बीच लाठीचार्ज से पहले पुलिस ने पहले वाटर कैनन का उपयोग कर भीड़ को खत्म करने का प्रयास किया।
मार्च का नेतृत्व कर रहे पप्पू यादव ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना सभी नागरिकों का मूल अधिकार है। आज प्रशासन हमें अपने मूल अधिकार से वंचित कर रहा है। आज देश का अन्नदाता खतरे में है। हम किसी तानाशाह के रोकने से नहीं रूकेंगे। हम यह लड़ाई आखिरी दम लड़ेंगे और लड़ कर जीतेंगे।
उसके बाद लाठीचार्ज की निंदा करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आवाज को दबाना चाहती है। मैं इस लाठीचार्ज की घोर निंदा करता हूं। जनता इस पुलिसिया कार्रवाई का जवाब अवश्य देगी। जाप किसानों के समर्थन में तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हुई है।


