January 17, 2026

राजद की नई प्रदेश टीम में मिली लालू यादव के करीबियों को जगह, राबड़ी आवास पर हंगामा

पटना। राजद ने गुरुवार को प्रदेश टीम की सूची जारी कर दी। इस टीम में राजद सुप्रीमो लालू यादव के करीबियों को जगह मिली है। वहीं टीम बनाने में सामाजिक समीकरणों का भी पूरा-पूरा ख्याल रखा गया है। माय समीकरण के दायरे को कम करने की भी कवायद की गई है। इसमें 22 प्रदेश उपाध्यक्ष व 107 महासचिव बनाए गए हैं। उधर, राजद की नई टीम में नाम नहीं आने पर कुछ लोगों ने राबड़ी आवास पर हंगामा किया। बाद में मामला शांत हुआ। दरअसल यह सूची पिछले माह ही जारी होने वाली थी। लेकिन सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए इसे लगातार आगे बढ़ाया जा रहा था। इसके बाद 10 फरवरी की तिथि निर्धारित की गई। इस बार बताया कि दिल्ली चुनाव को लेकर इसकी तिथि दो दिनों के लिए आगे की जा रही है। राजद ने इस बार टालमटोल न करते हुए गुरुवार को अपनी प्रदेश टीम की सूची जारी कर दी। जगदानंद की टीम में लालू के नजदीक माने जाने वाले विधायक व पूर्व मंत्री आलोक मेहता को प्रदेश महासचिव की जिम्मेवारी दी गई है। इसी तरह कभी जदयू में शिक्षा मंत्री का पद संभालने वाले और बाद में हम पार्टी के रास्ते राजद में शामिल होने वाले वृषिण पटेल को महत्वपूर्ण जिम्मेवारी सौंपी गई है। इसके साथ तनवीर हसन को भी उपाध्यक्ष की जिम्मेवारी दी गई है।
राजद की नई टीम में उपाध्यक्ष-महासचिव के अलावा सचिव व उपसचिव के पदों पर भी तैनाती हुई है। कोषाध्यक्ष के पद पर राकेश रंजन तो कार्यालय सचिव के पद पर चंदेश्वर प्रसाद सिंह को तैनात किया गया है।

जबकि बाढ़ विधानसभा के राजद नेता राजीव कुमार चुन्ना को सचिव पद की तो वहीं मोकामा विधानसभा के पुराने राजद नेता अनिल सिंह को राज्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सूची जारी के होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि राजद संविधान बचाने की लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने कहा कि 2020 में होने वाले विधानसभा चुनाव में राजद का एक मुद्दा यह भी होगा। उन्होंने कहा कि 23 फरवरी से बेरोजगारी हटाओ अभियान शुरू किया जाएगा। दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि राजद15 सालों तक सत्ता में रहने के बावजूद कई चुनाव हारी। इसका विश्लेषण किया जाएगा। गलतियों को चिह्नित किया जाएगा। ताकि आगे इस तरह की गलतियां नहीं हो। उन्होंने साफ कहा कि सोची-समझी साजिश के तहत राजद को एम-वाई समीकरण वाली पार्टी प्रचारित कर पार्टी के दायरे को सीमित करने का प्रयास किया गया, जो विरोधियों की की साजिश थी। राजद का जनाधार मजबूत है। कहा, राजद के बारे मे गलत प्रचार किया जाता है कि ये उच्च जाति का विरोधी है। ये प्रचार पूरी तरह से गलत और भ्रामक है। इतना ही नहीं, राजद में किसी तरह की गुटबाजी नहीं है और न ही पनपने दिया जाता है। राजद मे सिर्फ एक गुट है और वह है लालू गट।

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