February 17, 2026

मास्क पहने देखकर भड़के सीएम नीतीश, बोले- तुरंत हटाएं सभी जगह से धारा 144, कर्मचारियों में दिखा भय

पटना। कोरोना वायरस को लेकर पूरे बिहार में दहशत का माहौल है। बिहार 31 मार्च तक अलर्ट मोड पर है। सोेमवार को सरकारी व निजी कार्यालयों में कर्मचारियों के बीच इस वायरस को लेकर ऐसा दहशत देखा गया कि वे खुद सतर्कता बरतते हुए दूर से ही बात करने की लोगों को कह रहे थे और अपने मातहतों से हाथ मिलाने पर उन्हें दूर से नमस्ते कहने को बोल रहे थे। हालांकि कोरोना को लेकर कार्यालयों में आने वालों की संख्या नगण्य देखी गई।
वहीं दूसरी ओर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को विधानसभा में तमतमा गए। उन्होंने मुख्य सचिव व डीजीपी को सभी जिलों से धारा 144 को तत्काल हटाने का निर्देश दिया। कहा कि इससे राज्य में बेवजह दहशत का माहौल बन रहा है। विधानसभा स्थित अपने कक्ष और बाद में विधानमंडल परिसर में संवाददाताओं से बातचीत के क्रम में मुख्यमंत्री ने ये बातें कही। इसके पहले विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री ने सदन में बड़ी संख्या में लोगों के मास्क लगाने पर भी हैरानी जताई और कहा कि इससे आम लोगों के बीच दहशत का माहौल पैदा हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोराना वायरस को केंद्र में रख बिहार के कई जिलों के डीएम ने धारा 144 लागू कर दिया है, जिससे वह भड़क गए और कहा कि इसका कोई मतलब नहीं है। सरकार के स्तर पर ऐसे सभी जिलों से धारा 144 को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश दिया है।
बता दें बिहार के शिवहर, बांका, भागलपुर, वैशाली, अरवल, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर एवं कटिहार जिलों में शनिवार की रात से धारा 144 लागू कर दी गई और रविवार को इसका दायरा सीतामढ़ी, नवादा एवं किशनगंज जिलों तक बढ़ गया। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि मास्क पहन कर दहशत की स्थिति पैदा नहीं की जाए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब विधानसभा पहुंचे तो मार्शल समेत अपने कक्ष के आगे कई कर्मियों को भी मास्क पहने देखा। मुख्यमंत्री ने वहां रुक कर उन कर्मियों से मास्क के बारे में पूछा और इसे तुरंत उतारने को कहा। उन्होंने कहा कि मास्क की जरूरत नहीं है। बेवजह दहशत की स्थिति उत्पन्न नहीं करें।
वहीं अपने कक्ष में उन्होंने एक विधान पार्षद को जब मास्क के साथ देखा तो उनसे पूछा कि कहां से आया है यह मास्क? यह जानकारी दी गयी कि राजवंशी नगर अस्पताल के एक डॉक्टर बांट रहे थे। वहीं एक विधान पार्षद ने भी अपने स्तर से मास्क बांटा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब बेकार बातें हैं। एक मास्क छह से आठ घंटा ही कारगर है। इसे नष्ट करने में भी परेशानी है। गढ्ढा खोदकर या फिर जलाकर नष्ट करना है। सेनेटाइजर का उपयोग कर सकते हैैं, साबुन से भी हाथ धोना भी ठीक है।

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