मानव श्रृंखला सुपर फ्लॉप, सरकार के दावे फर्जी: राजद, देखें अन्य नेताओं ने क्या कहा
पटना। राजद ने राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित आज के मानव श्रृंखला को पूरे तौर पर फ्लॉप बताया है। पार्टी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने बताया कि मानव श्रृंखला को बिहार की जनता ने मुक्कमल रूप से नकार दिया है। कहीं भी आमलोगों की भागीदारी नहीं देखी गई। केवल सरकारी एवं अर्धसरकारी महकमे से जुड़े पदाधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशासनिक दबाव में मानव श्रृंखला में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया। इसी प्रकार सभी सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों के छात्रों और शिक्षकों को भी श्रृंखला में शामिल होने के लिए बाध्य किया गया। भीषण ठंड के बावजूद छोटे-छोटे बच्चों को सवेरे से हीं लाइन में लगना पड़ा। राजद नेता ने इस मानव श्रृंखला के बारे में सरकारी दावे को भी पूर्णत: फर्जी करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर 16000 किमी से ज्यादा लंबी मानव श्रृंखला में 4 करोड़ से ज्यादा लोगों की भागीदारी के दावे किये गये हैं, जो पूर तौर पर फर्जी है। यदि सरकारी दावे के अनुसार हीं 16000 किमी में लाईन लगाया जाये और सभी लोग बिल्कुल सटे हुए रहें तब भी अधिक से अधिक 3,20,00000 से ज्यादा लोग पंक्तिबद्ध नहीं हो सकते। एक व्यक्ति को खड़ा होने के लिए अधिक से अधिक (1.5) फीट जगह भी दिया जाये तो एक किलोमीटर में बमुष्किल 2000 लोग हीं खड़ा हो पायेंगे। राजद के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामचन्द्र पूर्वे ने भी मानव श्रृंखला को पूरी तरह फ्लॉप करार देते हुए इसे व्यक्ति विशेष का चेहरा चमकाने के लिए जनता के पैसों की बर्बादी बताया है।
वहीं राजद प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, डॉ. तनवीर हसन एवं पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों मदन शर्मा, निराला यादव, डॉ. पे्रम कुमार गुप्ता, निर्भय अम्बेदकर, संजय यादव, प्रमोद राम, बबलू मालाकार एवं रतन यादव ने मानव श्रृंखला को नौटंकी करार देते हुए कहा कि बिहार की जनता ने इससे अपने को अलग रखकर राज्य सरकार को भविष्य के लिए चेतावनी भी देने का काम किया है।

मानव श्रृंखला मानव रहित श्रृंखला साबित हुई: अरुण

भागलपुर। युवा राजद के प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने नीतीश सरकार द्वारा आयोजित मानव श्रृंखला पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जल जीवन हरियाली को लेकर नीतीश कुमार के आह्वान पर आयोजित मानव श्रृंखला मानव रहित श्रृंखला साबित हुई। मानव श्रृंखला इस तरह से फ्लॉप शो साबित होगा सीएम नीतीश कुमार ने सोचा भी नही था। बिहार की जनता में मानव श्रृंखला को लेकर कोई उत्साह नहीं दिखाई दिया। बिहार की जनता ने मानव श्रृंखला को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता नीतीश कुमार को समझ चुकी है। अब बिहार की जनता उनके बहकावे में नही आने वाली है। सीएम नीतीश कुमार ने अपना चेहरा चमकने के लिए मानव श्रृंखला के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग किया है। जनता में नीतीश कुमार के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।
मानव श्रृंखला में आम जनता की भागीदारी नहीं
पटना। राजद प्रदेश महासचिव भाई अरूण कुमार, अत्यंत पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव उपेन्द्र चन्द्रवंशी एवं सरदार रंजीत सिंह ने एक संयुक्त पे्रस बयान जारी कर राज्य सरकार द्वारा आहूत मानव श्रृंखला पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मानव श्रृंखला में आम लोगों की भागीदारी नहीं के बराबर थी। इस मानव श्रृंखला में स्कूल के बच्चे, टीचर, एनसीसी के लोग एवं सरकारी कर्मचारी ही उपस्थित थे। यह श्रृंखला महागठबंधन के सरकार के द्वारा आयोजित मानव श्रृंखला के मुकाबले कहीं पर नहीं ठहर रही थी।

