माकपा ने किया सांकेतिक विरोध प्रदर्शन, सरकार से किए कई सवाल
पटना। सीपीआई(एम) पटना शहर कमिटी ने राज्यव्यापी आह्वान के तहत शुक्रवार को गांधी मैदान, पटना के पास विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में क्वारंटाइन सेंटर की कुव्यवस्था और उसमे व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ, प्रति व्यक्ति 10 किलो अनाज देने, शहरी और ग्रामीण मजदूरों को मनरेगा के अंतर्गत काम के साथ 500 रुपए मजदूरी देने समेत अन्य मांगों को लेकर कार्यकर्ता ने विरोध दर्ज किया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि आखिर शासक वर्ग की प्राथमिकता क्या है? जब भारत में पहला केस 30 जनवरी को हीं आया, लेकिन केंद्र सरकार नमस्ते ट्रंप की तैयारी में लीन थी। आगे उन्होंने कहा बिहार में कोरोना संक्रमण की जांच की स्थिति में काफी कमी है। वर्ल्ड हेल्थ आॅर्गनाइजेशन के मुताबिक, इससे लड़ने के लिए शारीरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होना चाहिए, लेकिन आज बहुसंख्यक आबादी भूखा है। आज जो भी घोषणाएं सरकार ने किया वो सब सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गया है। सभी जरूरतमंदों तक अभी तक अनाज नहीं पहुंचाई गयी है। सभी को 1 किलो दाल पहुंचाने की बात थी, उस पर भी पूर्ण अमल नहीं हो सका है।
उन्होंने कहा कि 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज सिर्फ एक छलावा, दिग्भ्रमित करने वाला है। लोगों को मोदी-नीतीश सरकार के जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में राज्य सचिव अवधेश कुमार, राज्य सचिव मंडल सदस्य अरुण मिश्रा, पटना जिला सचिव मनोज कुमार चंद्रवंशी, अनिल रजक, बिंदेश्वर प्रसाद, विश्वनाथ प्रसाद, राज कुमार, चुन्नू सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।


