महिलाओं की विलंब से शादी तथा देर से बच्चा होना स्तन कैंसर का कारण
पटना। पारस एचएमआरआई सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल में विश्व स्तन कैंसर जागरूकता माह के तहत एक कार्यक्रम आयोजित की गई। इस मौके पर हॉस्पिटल के रिजनल डायरेक्टर डॉ. तलत हलीम ने कहा कि महिलाएं स्तन कैंसर के प्रति सतर्क रहें तथा इससे बचाव के तरीकों पर अमल करें। शुरूआती दौर में इसके पकड़ में आ जाने पर इसके पूर्ण रूप से ठीक होने की संभावना अधिक रहती है। उन्होंने कहा कि बिहार-झारखंड के कैंसर मरीजों को अपने राज्यों से दूसरी जगह नहीं जाना पड़े, इसलिए पारस हेल्थ केयर ने पटना में पारस कैंसर सेंटर की स्थापना की है, जिसमें देश के अन्य हिस्सों में किये जाने वाला सभी आधुनिक इलाज यहां भी मौजूद है।
वहीं कैंसर विशेषज्ञों ने कहा कि महिलाएं अगर 30 वर्ष से पहले मां बन जाएं और अपने बच्चे को स्तनपान कराएं तो उनमें स्तन कैंसर होने की संभावना क्षीण हो जाती है। महिलाओं की विलंब से शादी होना तथा देर से बच्चा होना स्तन कैंसर के कारण माने जा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें अपनी जीवनशैली में बदलाव के साथ शरीर का वजन नियंत्रित रखना होगा तथा धूम्रपान और शराब के सेवन से दूर रहना होगा। हर माह माहबारी खत्म होने के तुरंत बाद वे अपने हाथ से स्तन में गांठ की जांच करते रहें। वे ताजा रंगीन सब्जी और फल का सेवन करें।
इस अवसर पर पारस कैंसर सेंटर के विशेषज्ञ डॉ. चिरंजीव खंडेलवाल, डॉ. आरएन टैगोर, डॉ. शेखर केसरी, डॉ. अविनाश कुमार सिंह, डॉ. नवीन संचेती, डॉ. अभिषेक आनन्द, डॉ. मिताली दांडेकर लाल, डॉ. स्नेहा झा, डॉ. सुमांत्रा सरकार एवं डॉ. रीदु कुमार कार्यक्रम में मौजूद थे।


