भाजपा के वायदे पर नीतीश कैबिनेट में लगी मुहर, फ्री में लगेगा कोरोना टीका, बेरोजगारों-महिलाओं-वृद्धों पर भी सरकार मेहरबान
पटना। नीतीश कुमार की अगुवाई में बिहार में एनडीए सरकार के गठन के बाद मंगलवार को दूसरी बार नीतीश मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा की ओर से किए गए वादों पर अमल की गई है। नीतीश कैबिनेट में भाजपा के चुनावी वायदे बिहारवासियों को कोरोना का फ्री में टीका और 20 लाख रोजगार सृजन को लेकर सहमति बन गई है। वहीं बेरोजगारों को कर्ज मुहैया कराने का फैसला लिया गया है। बिहार सरकार अब युवाओं को रोजगार के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण मुहैया कराएगी, इसमें से 5 लाख तक का अनुदान होगा। इस तरह से 50 फीसदी राशि यानि 5 लाख रुपए सब्सिडी के तौर पर देगी। इस पर नीतीश कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। इसके अलावा नीतीश सरकार ने अविवाहित महिलाओं को इंटर उत्तीर्ण होने पर 25000 रुपये तथा स्नातक उत्तीर्ण होने पर 50000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है।
कैबिनेट के फैसले
कैबिनेट की बैठक में बिहार के प्रत्येक आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थान में प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उच्चस्तरीय सेंटर आॅफ एक्सीलेंस बनाने, हर जिले में कम से कम एक मेगा स्किल सेंटर खोलने, सरकारी एवं गैर सरकारी क्षेत्र में रोजगार के 20 लाख से ज्यादा नए अवसर सृजित करने, अविवाहित महिलाओं को इंटर उत्तीर्ण होने पर 25000 रुपये तथा स्नातक उत्तीर्ण होने पर 50000 रुपये की आर्थिक सहायता देने, वृद्धों के लिए सभी शहरों में आश्रय स्थल बनाने, शहर में रहने वाले बेघर/भूमिहीन गरीबों के लिए बहुमंजिला भवन बनाने, हृदय में छेद के साथ जन्मे बच्चों के नि:शुल्क उपचार हेतु बाल हृदय योजना लागू करने, कोरोना का टीका का पूरे राज्य में नि:शुल्क टीकाकरण कराने, प्रत्येक प्रमंडल में टूल रूम एवं ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने, स्किल डेवलपमेंट तथा उद्यमिता पर विशेष बल देने हेतु एक अलग विभाग स्किल डेवलपमेंट एवं उद्यमिता विभाग का गठन करने, तकनीकी शिक्षा हिंदी भाषा में भी उपलब्ध कराने का प्रयास करने, एक चिकित्सा विश्वविद्यालय और एक अभियंत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना करने, राजगीर में एक खेल विश्वविद्यालय की स्थापना करने, युवाओं को अपना उद्यम/व्यवसाय लगाने हेतु परियोजना लागत का 50% (अधिकतम 5 लाख रुपये) का अनुदान देने तथा अधिकतम 5 लाख का ऋण मात्र 1% ब्याज पर देने, राज्य से बाहर काम करने वाले कामगारों का पंचायतवार डाटा बेस तैयार करने, इन कार्यक्रमों का पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण बिहार विकास मिशन के द्वारा कराने और जिला स्तर पर इनका अनुश्रवण प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति द्वारा कराने पर फैसला लिया गया है।


