February 27, 2026

बिहार विधानसभा चुनाव : नेता जी को प्रचार के दौरान बरतना होगा सावधानी, जुबान फिसली तो होगी कार्रवाई

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनाव आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। वहीं चुनावी रणभेरी बजते ही बिहार की राजनीति में गर्माहट भी आ गई है। पक्ष-विपक्ष के नेता धड़ल्ले से एक-दूसरे पर बयानबाजी कर रहे हैं। लेकिन नेताजी को संभलकर बयानबाजी करनी होगी, क्योंकि उनकी हर गतिविधियों पर चुनाव आयोग की पैनी नजर रहेगी। जरा सी भी जुबान फिसली तो प्रशासन कार्रवाई करने का तैयार है। इसे लेकर शनिवार को डीएम कार्यालय में राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी सह डीएम कुमार रवि ने बैठक की। चुनाव को लेकर हर तरह की गाइड लाइन की जानकारी राजनीतिक पार्टियों को दी गई। बैठक में विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों को चुनाव की प्रक्रिया भी समझायी गई।
बता दें बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर, दूसरे चरण का मतदान 3 नवंबर और तीसरे चरण का मतदान 7 नवंबर को होगा। जबकि मतगणना 10 नवंबर को होगा, उसी दिन पता चलेगा कि बिहार की जनता ने किसे राज्य की गद्दी सौंपी है।
आचार संहिता ध्यान में रखकर करना होगा प्रचार
चुनाव प्रचार में नेताओं को आचार संहिता का ध्यान रखना होगा। छोटी सी छोटी गलती उनकी दावेदारी रद्द कर सकती है, इसका भी उन्हें ख्याल रखना होगा। बैठक में चुनाव प्रचार संबंधी सभी तरह की प्रक्रिया के बारे में बताया गया। इसमें आदर्श आचार संहिता संबंधी प्रावधान, ईवीएम वीवीपैट के संचालन रेंडमाइजेशन एवं दोषपूर्ण ईवीएम के बदलने, चुनाव प्रचार के दौरान ली जाने वाली अनुमति के बारे में जानकारी दिया गया। चुनाव की घोषणा के 24 घंटे के अंदर पार्टी कार्यालय से पोस्टर बैनर हटाने से लेकर 48 घंटे के अंदर सार्वजनिक स्थलों से प्रचार सामग्री को हटाए जाने के बारे विस्तार से बताया गया। 72 घंटे के अंदर स्थानीय कोर्ट के दिशा निर्देशों के आलोक में अनाधिकृत रूप से राजनीतिक विज्ञापनों को निजी स्थानों से हटा देने की बातें बताई गई। राजनीतिक पार्टी या निर्वाचन से संबंधित व्यक्ति द्वारा सरकारी वाहनों के उपयोग पर पूर्णत: प्रतिबंध होगा और किसी भी परिस्थिति में सरकारी वाहन का उपयोग चुनाव कैंपेन में नहीं किया जा सकेगा।
डोर टू डोर कैम्पेनिंग में अधिकतम पांच लोग
उम्मीदवारों को कोविड-19 प्रोटोकाल का भी पालन करना होगा। कोरोना काल में डोर टू डोर कैम्पेनिंग में अधिकतम पांच व्यक्ति ही प्रचार के लिए जा सकेंगे जबकि चुनाव की हर तरह की गतिविधियों में मास्क लगाना अनिवार्य होगा। कैम्पेनिंग में दो काफिले के बीच आधे घंटे का अंतर होगा। जाति-धर्म, संप्रदाय पर आधारित भाषण देने वाले नेताओं पर कार्रवाई की जाएगी। विधि व्यवस्था से संबंधित मामलों के लिए अनुमंडल पदाधिकारी से तथा चुनावी खर्च के लिए निर्वाची पदाधिकारी से अनुमति लेनी होगी। फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्विस का पालन किया जाएगा। वहीं बताया गया कि नॉमिनेशन की परंपरागत व्यवस्था के अतिरिक्त आॅनलाइन नॉमिनेशन की भी व्यवस्था है। पटना जिला अंतर्गत दो चरण में बिहार विधानसभा चुनाव संपन्न होना है।

You may have missed