बिहार में 16419.31 किमी पर बनी मानव श्रृंखला, टूटा पुराना वर्ल्ड रिकार्ड

पटना। बिहार में जल-जीवन-हरियाली के समर्थन एवं नशामुक्ति, बाल विवाह व दहेज प्रथा उन्मूलन के खिलाफ रविवार को बिहार में विश्व की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला बनाई गई। सभी जिलों से प्राप्त सूचना के आधार पर मानव श्रृंखला की कुल लंबाई 16419.31 किमी रही। इसमें मुख्य मार्गों पर 4972.9 किमी तथा उप मार्गों पर 10390.41 किमी की लंबाई रही। जबकि अन्य मार्गों पर 285 किमी लंबाई रही।
बता दें मानव श्रृंखला का मुख्य कार्यक्रम पटना के गांधी मैदान में हुआ, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में कार्यक्रम आरंभ हुआ। पूर्वाह्न 11.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक आधे घंटे तक जब 4.27 करोड़ से अधिक लोग एक-दूसरे का हाथ से हाथ थामे खड़े हुए तो विश्व रिकार्ड बन गया।  अब राज्य सरकार मानव श्रृंखला का डाक्यूमेंटेशन करा प्रमाण स्वरूप वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज कराने वाली अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को सौंपेगी। इसके लिए 15 हेलीकॉप्टर एरियल फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी में लगाए गए थे। मानव श्रृंखला के अवलोकन के लिए लिम्का बुक आफ रिकार्ड और गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि भी आमंत्रित किए गए थे।
बिहार ने तोड़े अपने ही पुराने वर्ल्ड रिकार्ड
इसके साथ बिहार ने 2018 का अपना ही पुराना विश्व रिकार्ड तोड़ा है। इसके पहले 2017 में शराबबंदी अभियान को सफल बनाने के लिए बिहार में 11292 किमी लंबी मानव श्रृंखला बनाई गई थी, जिसके रिकार्ड को बिहारवासियों ने दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ 13654 किमी लंबी मानव श्रृंखला बनाकर तोड़ा था।
मुख्य केंद्र पटना का गांधी मैदान
प्रदेश भर की मानव श्रृंखला का मुख्य केंद्र पटना का गांधी मैदान रहा। गांधी मैदान से चार दिशाओं में मानव श्रृंखला का जुड़ाव हुआ। वहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा एवं यूनाइटेड नेशंस के प्रतिनिधि अतुल बगाई समेत अन्य मंत्री व आला अधिकारी मौजूद रहे। गांधी मैदान में मानव श्रृंखला बिहार के नक्शे पर बनाई गई।
मुख्यमंत्री ने जनता को दिया धन्यवाद
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जल व हरियाली है, तभी जीवन सुरक्षित है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के लिए पूरे राज्य की यात्रा की। पाया कि लोगों में पर्यावरण को लेकर जागरूकता आई है। यह प्रसन्नता की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पर्यावरण के लिए निरंतर अभियान चलाते रहेंगे। अगर हम पर्यावरण को नहीं समझेंगे तो हमारा बड़ा नुकसान होगा। उन्होंने मानव श्रृंखला को सफल बनाने के लिए बिहार की जनता को धन्यवाद दिया।
उत्साह चरम पर
मानव श्रृंखला को ले पूरे बिहार में उत्साह दिखा। पटना के फ्रेजर रोड के पास थर्ड जेंडर का उत्साह भी देखते बन रहा था। मानव श्रृंखला में हर उम्र के लोग शामिल दिखे।
मुजफ्फरपुर में तो नाव पर ही लगा दी कतार


उधर, मुजफ्फरपुर के बोचहां प्रखंड अंतर्गत दरधा घाट पर आथर गांव के ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला का क्रम बनाए रखने के लिए गंडक नदी पर नावों की ही कतार लगा दी। वहां नदी की चौड़ाई 200 फीट है। राज्य में नदी से पहाड़ तक हर जगह मानव श्रृंखला का नजारा रहा।
जगह-जगह जागरूकता कार्यक्रम
मानव श्रृंखला के लिए जागरूकता के कार्यक्रम भी चलाए गए। पटना सहित जगह-जगह जागरूकता के लिए सांस्कृतिक आयोजन किए गए।
सीमावर्ती राज्यों व नेपाल तक मानव श्रृंखला
शिक्षा विभाग ने पड़ोसी राज्यों पश्चिम बंगाल, झारखंड एवं उत्तर प्रदेश के अलावा नेपाल की सीमाओं तक मानव श्रृंखला बनाने की व्यवस्था की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समीक्षा बैठक में सभी डीएम को यह निर्देश दिया था कि पड़ोसी प्रदेशों की सीमाओं को मानव श्रृंखला अवश्य छुए। इसीलिए कुछ इस तरह की व्यवस्था की गई कि बिहार के पड़ोसी राज्यों के अलावा नेपाल की सीमाओं तक मानव श्रृंखला का संदेश जाए।
पौराणिक व सांस्कृतिक स्थलों से जुड़ी मानव श्रृंखला
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के मुताबिक राज्य के सभी पौराणिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों पर भी मानव श्रृंखला बनाई गई।
सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था
मानव श्रृंखला के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक की चाक-चौबंद व्यवस्था रही। इसके मद्देनजर मुख्य सचिव दीपक कुमार और डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय ने सभी जिलों को विशेष हिदायतें दे रखीं थीं। हर जिले में आकस्मिक सेवाओं को बहाल रखा गया था। मानव श्रृंखला के दौरान एम्बुलेंस, चिकित्सकों की टीम, वाटर टैंकर के अलावा चलंत और अस्थायी शौचालयों के भी इंतजाम थे।

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