February 16, 2026

बिहार में शराबबंदी पर बड़ा खुलासा : शहर से ज्यादा ग्रामीण पी रहे शराब, आज भी 15 प्रतिशत लोग गटक रहे शराब

पटना। नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे 5 (एनएचएस 5) ने बिहार में पूर्ण शराबबंदी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। इस रिपोर्ट ने नीतीश सरकार की पूर्ण शराबबंदी की हवा निकाल कर रख दी है। रिपोर्ट में चौंकाने वाली बात यह है कि शराब के सेवन में गांव के लोग शहर के लोगों पर भारी पड़ रहे हैं।
एनएचएस 5 की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में आज भी 15 प्रतिशत लोग शराब का सेवन कर रहे हैं। देश के 22 प्रदेशों के फेज एक की रिपोर्ट 2019-2020 की है। वहीं 48 प्रतिशत लोग तम्बाकू को अलग-अलग प्रकार से सेवन कर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि गांव में आज भी शहरों की अपेक्षा अधिक शराब का सेवन किया जा रहा है। पूर्ण शराबबंदी वाले प्रदेश में यह चौंकाने वाली रिपोर्ट है। रिपोर्ट के अनुसार, 15 वर्ष की आयु और उससे अधिक उम्र के शराब पीने वालों की संख्या शहरों में 14 प्रतिशत है, जबकि गांव में 15 वर्ष से ऊपर के शराब पीने वालों की संख्या 15.8 प्रतिशत है। हालांकि रिपोर्ट में वर्ष 2015-16 यानि एनएचएस 4 का आंकड़ा नहीं बताया गया है। यहीं नहीं, रिपोर्ट में महिलाओं को लेकर कहा गया है कि शहरों में आज भी 0.5 प्रतिशत महिलाएं शराब पी रही हैं। जबकि गांव में 0.4 प्रतिशत महिलाएं शराब पी रही हैं। हालांकि इस आंकड़े में भी एनएचएस 4 का आंकड़ा नहीं दिया गया है। यह आंकड़ा भी शराबबंदी वाले प्रदेश में कम नहीं है।
वहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार की 15 वर्ष से अधिक उम्र की कुल 5 प्रतिशत महिलाएं विभिन्न प्रकार से तंबाकू का इस्तेमाल कर रही हैं। इसमें शहर की 3.6 प्रतिशत और गांव की 5.3 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं। पुरुषों की बात करें तो 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में 48.8 प्रतिशत किसी न किसी तरह से तंबाकू का सेवन करते हैं। शहर में 40.3 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र में 50.7 प्रतिशत लोग तंबाकू का सेवन कर रहे हैं।

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