बिहार में गरीबों की मदद के नाम पर भ्रष्टाचार चरम पर, गरीबों का दुख देखा नहीं जाता : राणा रणवीर
पटना। कोरोना बंदी के कारण बेरोजगार हुए लोगों तक राशन पहुंचाने का काम सामाजिक कार्यकर्ता राणा रणवीर सिंह द्वारा लगातार जारी है। अब तक 10 हजार परिवारों तक राशन पहुंचाकर श्री राणा खुद को खुशकिस्मत समझते हैं। श्री राणा कहते हैं, ऐसे हालात बार-बार नहीं आते और इस वक़्त जरूरतमंदों की सेवा करना ही सच्ची सेवा है। इस पुनीत कार्य में श्री राणा की पत्नी एवं बच्चे भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। श्री राणा ने कहा कि सभी लोग यदि गरीबों की सेवा करने लगे तो वह दिन दूर नहीं जब किसी को किसी से शिकायत नहीं रहेगी। राणा वैसे एक राजनैतिक दल से भी ताल्लुक रखते हैं लेकिन कहते हैं कि इस दुख की घड़ी में जरूरतमंदों की सेवा करना पहली प्राथमिकता है, राजनीति नहीं। श्री राणा ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि अगर हालात यही रहे तो जितनी मौतें कोरोना से नहीं होगी, उसे कई गुणा अधिक लोगों की मौत भूख से होगी। श्री राणा ने आगे कहते हैं, रोज कमाने-खाने वालों का दुख देखा नहीं जाता, वैसे में समाज के संपन्न लोगों को आगे आकर जरूरतमंदों की सेवा करनी चाहिए।


श्री राणा इस दौरान बिहार सरकार पर भी निशाना साधने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि आज बिहार में गरीबों को मदद के नाम पर भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गई है। कोई भी सरकार के प्रतिनिधि जरूरतमंदों की सुध लेने उनके पास नहीं जा रहे हैं, जो भी सरकारी योजना चल रही है, वह ज्यादातर कागजों पर चल रही। श्री राणा ने समाज के संपन्न लोगों को इस संकट की घड़ी में गरीबों की मदद करने का आह्वान किया।

