February 15, 2026

बिहार चुनाव में JDU उम्मीदवारों की सूची में सोशल इंजीनियरिंग को मजबूत बनाने की कवायद

पटना, एजेंसी। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जेडीयू उम्मीदवारों की सूची में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोशल इंजीनियरिंग को मजबूत बनाने के प्रयास की स्पष्ट छाप सामने आई है। इसमें एक तरफ अति पिछड़ा वर्ग में पैठ को गहरा बनाने तो दूसरी तरफ विरोधी पार्टी राजद के मुस्लिम-यादव समीकरण (एम-वाई) में सेंध लगाने की कोशिश की गई है। एनडीए में सीटों के बंटवारे के तहत 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए जेडीयू को 122 सीटें मिली हैं। जेडीयू ने अपने खाते में से सहयोगी जीतनराम मांझी की पार्टी हम को सात सीटें दीं। इसके बाद पार्टी ने 115 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की सूची बुधवार को जारी कर दी। जेडीयू पहली पार्टी है, जिसने एक साथ अपने सभी सीटों के उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। जेडीयू ने जिस तरह से उम्मीदवारों को टिकट दिया है, उससे साफ पता चला है कि नीतीश कुमार ने सभी समुदायों-वर्गों को खुश करने की भरसक प्रयास की है।
जेडीयू के उम्मीदवारों की सूची में अति पिछड़ा वर्ग को प्रमुखता दी गई है। पार्टी ने अति पिछड़ा वर्ग से 19 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। नीतीश कुमार ने सोशल इंजीनियरिंग की कवायद के तहत पिछले वर्षों में अति पिछड़ा वर्ग को बढ़ावा देने के लिए अनेक कदम उठाए, जिसमें ओबीसी के लिए आरक्षण में इस वर्ग के लिए उप कोटा पेश करने सहित कई अन्य कदम शामिल हैं। गौरतलब है कि काफी समय तक अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं का झुकाव राजद की ओर रहा था और यह वर्ग लालू प्रसाद की पार्टी का वोट बैंक माना जाता था लेकिन नीतीश कुमार के अलग होने के बाद से स्थितियां बदल गई हैं।
इस लिस्ट में उल्लेखनीय बात यह है कि यादव समुदाय से 19 उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। यह समुदाय काफी हद तक राजद के साथ रहा है। यादव समुदाय से आने वाले उम्मीदवारों में वर्तमान विधायक बिजेंद्र प्रसाद यादव और पूनम यादव शामिल हैं। हालांकि, इस बार जेडीयू ने नए नेताओं चंद्रिका राय, जयवर्द्धन यादव को भी टिकट दिया है। यादव समुदाय से इतने उम्मीदवारों को टिकट देने से नीतीश कुमार की रणनीति प्रदर्शित होती है। नीतीश कुमार के राजद का साथ 2015 के विधानसभा जीतने और कुछ समय सरकार चलाने के बाद भाजपा के साथ दोबारा गठजोड़ करने और सरकार बनाने को लेकर इस समुदाय में असंतोष बताया जाता रहा है।
जदयू ने चंद्रिका राय को परसा सीट से टिकट दिया है जो ऐश्वर्या राय के पिता हैं और लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव के ससुर हैं। तेजप्रताप यादव के साथ ऐश्वर्या की शादी 2018 में हुआ था। लेकिन शादी के छह महीने बाद ही ऐश्वर्या के पति ने उनका साथ छोड़ दिया था। वहीं जदयू ने पालीगंज विधानसभा सीट से जयवर्द्धन यादव ऊर्फ बच्चा को उतारा है, ने वर्ष 2015 में राजद के टिकट पर पालीगंज से चुनाव जीता था। वे कुछ महीने पहले ही राजद छोड़ जेडीयू में शामिल हुए थे। वहीं राजद ने पालीगंज सीट महागठबंधन में भाकपा-माले को मिला है।
जेडीयू ने बड़ा दांव खेलते हुए एम-वाई समीकरण को ध्यान में रखते हुए 18 यादव और 11 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देकर राजद के ‘मुस्लिम-यादव’ समीकरण में सेंध लगाने का प्रयास किया है। वहीं जेडीयू ने 12 कुर्मी उम्मीदवारों को टिकट दिया है। इनकी संख्या राज्य की आबादी के लिहाज से कम हैं लेकिन नीतीश कुमार इसी समुदाय से आते हैं। राज्य में रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण कुशवाह समुदाय माना जाता है और जेडीयू ने इस वर्ग से 15 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। राज्य में कुशवाह समुदाय की संख्या अन्य पिछड़ा वर्ग में यादवों के बाद सबसे बड़ी है। रालोसपा नेता उपेंद्र कुशवाहा ने इस समुदाय को अपने साथ लाने के लिए काफी प्रयास किया है। हालांकि कई कारणों से अभी तक समुदाय को अपने साथ लाने में कामयाब नहीं हुए हैं।
जेडीयू ने 17 सीटें अनुसूचित जाति वर्ग के उम्मीदवारों को दी हैं। पार्टी को उम्मीद है कि चिराग पासवान के लोजपा का साथ छूटने के बाद जीतन राम मांझी के सहयोग से दलितों को साथ ला सकेंगे। पार्टी ने अगड़ी जातियों के 19 उम्मीदवारों को टिकट दिया है और यह संदेश देने का प्रयास किया है कि वह हर वर्ग की चिंता करती है। अगड़ी जातियों में जेडीयू ने सात राजपूतों को टिकट दिया है जबकि 10 भूमिहारों को उम्मीदवार बनाया है। जेडीयू ने पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत रघुवंश प्रसाद सिंह के पुत्र सत्यप्रकाश सिंह को पार्टी में शामिल किया है और उम्मीद की जा रही है कि उन्हें बाद में विधान परिषद भेजा जाएगा।
भूमिहार उम्मीदवारों में जेडीयू ने मोकामा से राजीव लोचल सिंह को उम्मीदवार बनाया है। मृदुभाषी राजीव लोचन सिंह की जड़े संघ परिवार से जुड़ी रही है और उन्हें इलाके में साधु बाबा के नाम से जाना जाता है। राजीव लोचन का टक्कर राजद से चुनाव लड़ रहे विधायक अनंत सिंह के खिलाफ है। जेडीयू ने भूमिहार समुदाय के एक अन्य उम्मीदवार सुदर्शन कुमार को टिकट दिया है जो बरबीघा से वर्तमान विधायक हैं। सुदर्शन कुमार हाल ही में कांग्रेस छोड़कर जेडीयू में शामिल हुए हैं।

You may have missed