बिहार के सरकारी अस्पतालों की दुर्दशा को ले ‘आप ‘ने  राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की रखी मांग

पटना। बिहार के सरकारी अस्पतालों के दुर्दशा को ले आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज कुमार ने  जनहित में राष्ट्रपति से बिहार के वर्तमान नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को बर्खास्त कर बिहार में युद्धस्तर पर ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्था को पुनः बहाल करने की मांग रखी है। अपने मांग के समर्थन में मनोज  कुमार ने आरोप लगाया है कि “बिहार के सरकारी अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों को बेड की कमी बताकर भरती नहीं किया जा रहा है। जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवा नदारद है। मरीज पटना पहुंच भी नहीं पाते हैं। करीब 14 करोड़ की आबादी वाले बिहार के संक्रमित मरीजों को सिर्फ तीन अस्पतालों के भरोसे छोड़ देना हास्यास्पद लापरवाही है। जिलों के स्वास्थ्य केंद्रों में कोरोना जांच किए जाने की घोषणा हवा हवाई है। राजधानी पटना के पीएमसीएच, एनएमसीएच से संक्रमित मरीजों को बेड नहीं मिलने, भर्ती नहीं लिए  जाने, पीपीई किट नहीं होने, एन- 95 मास्क उपलब्ध नहीं होने, मरीजों को दवा बाहर से लाने को कहे जाने, आक्सीजन सिलेंडर की कमी, वेंटिलेटर नहीं होने, आदि जैसी अनेक प्रकार की शिकायतें आ रही है।” उन्होंने आगे कहा कि “महामारी के इस दौर में बिहार सरकार कोरोना संक्रमितों को इलाज की बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दे पा रही है, जिसका भारत का संविधान उन्हें भरोसा दिलाता है। वहीं बिहार में  जदयू-भाजपा के गठबन्धन की सरकार चुनावी तैयारी कर रही है। अगर राष्ट्रपति ने बिहार को अपने हाथ में नहीं लिया तो बिहार की निर्दोष जनता वर्तमान सरकार की लापरवाहियों का शिकार हो मारी जाएगी।”

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