बरसात ने खोली नगर निगम की पोल, घर-आंगन समेत कोरोना अस्पताल में जलजमाव, अधिकारी सक्रिय

पटना। राजधानी पटना में लगातार दो दिनों से जारी बारिश ने एक बार फिर पटना नगर निगम की पोल खोलकर रख दी है। तमाम दावों के बावजूद निचले इलाकों में जलजमाव हो गया है। कई जगह तो घर के आंगन तक पानी घुस गया है। यहां तक कि राज्य के बड़े कोरोना अस्पताल नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में भी बारिश का पानी घुसने से मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को परेशानी झेलनी पड़ी। राहत की बात यह है कि बरसात को देखते हुए नगर निगम कर्मी और बुडको अधिकारी सक्रिय हो गए।
सोमवार की सुबह बारिश होते ही राजधानी की सड़कें लबालब भर गईं। रविवार की सुबह बारिश होने के बाद राजेंद्रनगर, बिड़ला कॉलोनी, कांग्रेस मैदान, लोहानीपुर, स्टेशन मार्केट रोड जलमग्न हो गए। फिर सोमवार की सुबह पटना नगर निगम के इलाकों सहित सहित दानापुर, फुलवारीशरीफ के मोहल्ले भी जलमग्न हो गए। कंकड़बाग के इंदिरानगर, रामनगर, करबिगहिया, गर्दनीबाग, बर्फकोठी, पासवान टोली, लोहानीपुर क्षेत्र की सड़कें डूब गईं हैं। चिरैयाटांड पुल के नीचे घुटनाभर से ज्यादा पानी जमा रहा। पटना जंक्शन के पास कारबिगहिया मुख्य सड़क पानी में डूब गया। मीठापुर बस स्टैंड के आसपास पानी ही पानी दिखा। संजय नगर के अधिकांश क्षेत्र के लोग जलजमाव से परेशान दिखे। पाटलिपुत्र की सड़कें भी जलमग्न रही। यहीं कोराना अस्पताल का दर्जा प्राप्त एनएमसीएच के मेडिसिन वार्ड में सोमवार को बरसात का पानी घुस गया। इससे मरीजों, उनके स्वजनों तथा अस्पतालकर्मियों को भारी परेशानी हुई। हालांकि, कुछ घंटों के भीतर पानी निकाल दिया गया। कंकड़बाग कॉलोनी में घर-आंगन जलमग्न हो गए। सरिस्ताबाद, मगध कॉलोनी, बाबू बाजार और गर्दनीबाग के बड़े भाग में जलजमाव हो गया है। पुलिस कॉलोनी बारिश के पानी में डूब गया है। राजवंशी नगर इलाके के घरों में पानी घुस गया है। राहत की बात यह है कि बरसात को देखते हुए नगर निगम कर्मी और बुडको अधिकारी सक्रिय हो गए और संप हाउस चल रहे हैं। तेज गति से पानी निकासी हो रही है, लेकिन बीते साल के जलजमाव को झेल चुके लोगों में भय व्याप्त है।

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