February 12, 2026

पूर्व मध्य रेल : सभी मानदंडों का पालन करते हुए निर्माण परियोजनाओं पर तीव्रगति से कार्य जारी

हाजीपुर। कोविड-19 वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए मालगाड़ी को छोड़कर सभी ट्रेनों का परिचालन 03 मई तक बंद है। गत 20 अप्रैल से लॉकडाउन में आंशिक ढील दिए जाने के बाद आधारभूत संरचना के विकास पर बल देते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए रेल पुलों के निर्माण तथा उसके रखरखाव, दोहरीकरण जैसे बंद पड़े कुछ निर्माण परियोजनाओं पर कार्य पुन: प्रारंभ कर दिया गया है। ये सभी कार्य सीमित कार्यबल द्वारा कराए जा रहे हैं तथा सामाजिक दूरी का अनुपालन भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
सकरी-निर्मली आमान परिवर्तन: उत्तर बिहार की महत्वपूर्ण रेल परियोजना है। सकरी-निर्मली रेलखंड के बीच निर्माणाधीन वृहत रेल पुल संख्या 133 एवं 145 पर गर्डर लांचिंग तथा कंक्रीट वर्क जारी है। इसी तरह तमुरिया और घोघरडीहा के बीच समपार गेट लाज निर्माण, मिट्टी से संबंधित कार्य तथा ब्लैंकेटिंग कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। लगभग 1475 करोड़ की अनुमानित लागत से निर्माणाधीन सकरी-झंझारपुर-निर्मली एवं सहरसा-फारबिसगंज (206 किमी) मुख्य रेल परियोजना के सकरी-मंडन मिश्रा हॉल्ट (11 किमी), मंडन मिश्रा-झंझारपुर (16 किमी) एवं गढ़बरूआरी-सुपौल (11 किमी) का कार्य पूरा किया जा चुका है। साथ ही इस परियोजना के सुपौल-सरायगढ़ (24 किमी) आमान परिवर्तन कार्य भी पूर्ण हो चुका है।
इसी तरह सगौली-नरकटियागंज (60 किमी) दोहरीकरण परियोजना के मध्य साठी-नरकटियागंज, चमुआ-हरिनगर तथा सगौली-मझौलिया के बीच मिट्टी का कार्य, ब्लैंकेटिंग तथा पुल निर्माण कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। यह परियोजना 110 किमी लंबे सुगौली-बाल्मिकीनगर दोहरीकरण मुख्य परियोजना का एक भाग है। कुल 1216 करोड रूपए की अनुमानित लागत से इस परियोजना की स्वीकृति वर्ष 2016-17 में प्रदान की गई थी। विदित हो कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 10 अप्रैल, 2018 को इस परियोजना का शिलान्यास किया गया था। वर्ष 2022 तक देश के पूर्वी क्षेत्रों का विकास प्रधानमंत्री के न्यू इंडिया विजन को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है। नेपाल से सटे होने के कारण बेहतर कनेक्टिविटी के दृष्टिकोण से भी यह काफी महत्वपूर्ण परियोजना है।

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