पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय बोले, क्या राजनीति करना या फिर किसी राजनीतिक दल में शामिल होना अवैध है?
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बिहार के डीजीपी रहे गुप्तेश्वर पांडेय ने मंगलवार को वीआरएस ले लिया और सरकार ने इसे मंजूर भी कर लिया है। गुप्तेश्वर पांडेय के जदयू के टिकट से विधानसभा या फिर लोकसभा का उपचुनाव लड़ने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में तैर रही है। हालांकि, पूर्व डीजीपी ने सियासी पारी पर फिलहाल कुछ साफ नहीं किया है। लेकिन इतना जरूर कहा है कि राजनीति करना या फिर किसी राजनीतिक दल में शामिल होना अवैध है क्या? गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि बिहार की जनता मुझे पसंद करती है। मैं कहीं से भी चुनाव जीत सकता हूं। मुझे 14 सीटों से चुनाव लड़ने का आॅफर मिल रहा है। बता दें वीआरएस लेने के ठीक एक दिन बाद बुधवार को गुप्तेश्वर पांडेय फेसबुक लाईव आकर डीजीपी पद से वीआरएस लेने और चुनाव में किस्मत आजमाने संबंधी उठ रहे कई तरह के सवालों का जवाब दिया था।
गुरूवार को मीडिया से बातचीत के दौरान जदयू में शामिल होने के सवाल पर पूर्व डीजीपी ने कहा कि क्या राजनीति करना या फिर किसी राजनीतिक दल में शामिल होना अवैध है? अभी इस संबंध में कुछ नहीं कह सकता। जल्द ही आप लोगों को अपने फैसले के बारे में बताऊंगा। मेरे वीआरएस को अभिनेता सुशांत सिंह मौत मामले से जोड़ने की जरूरत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि मैंने जो कुछ किया वह सही था।
एक सवाल के जवाब में गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि मेरे खिलाफ रोज अफवाह उड़ाई जा रही थी कि चुनाव लड़ने के लिए मैं इस्तीफा देने वाला हूं। मुझे विवादित बनाया जा रहा था। चुनाव सामने है। ऐसी स्थिति में अगर मैं चुनाव कराता, तो विपक्ष चुनाव आयोग से मेरी शिकायत करता और अगर चुनाव आयोग मुझे हटा देता तो कितनी बेइज्जती होती। मेरा 34 साल का करियर बेदाग रहा है। करियर के आखिरी पड़ाव पर मैं इसमें दाग नहीं लगने दे सकता था। मेरे खिलाफ इस तरह का माहौल बना दिया गया था कि निर्वाचन आयोग को मुझे हटाना पड़े। मेरे खिलाफ साजिश हो रही थी। इसके चलते मैंने वीआरएस लेने का अंतिम फैसला किया।


