पुरुषोत्तम माह में मुहूर्तों का बना महासंयोग: मलमास में कुल 17 शुभ योग, जानिए कौन सा है दिन
पटना। सनातन धर्मावलंबियों को जिन संयोगों का इंतजार रहता है, वैसे ही शुभदायी संयोग पुरुषोत्तम मास में बन रहा है। इन योगों में पूजा-पाठ, दान-पुण्य, जाप, अनुष्ठान, यज्ञ, व्रत- उपवास, ध्यान, भजन-कीर्तन, जमीन, मकान में पूंजी निवेश, व्यापार विस्तार, नई शाखा का आरंभ, आभूषण, रत्न या बेशकीमती वस्तु की खरीदारी अत्यंत शुभ होता है। अधिक आश्विन शुक्ल प्रतिपदा 18 सितंबर से शुरू हुए पुरुषोत्तम मास में पूरे सात सर्वार्थ सिद्धि योग, एक पुष्य योग तथा अन्य कई शुभ मुहूर्तों का संयोग बन रहे हैं। इस शुभ एवं पवित्र संयोग में जहां एक ओर श्रद्धालु पूजा-पाठ में रमेंगे, वहीं दूसरी ओर बाजारों में खरीदारी से रौनक बढ़ेगी।
शुक्ल योग में शुरू हुआ पवित्र मास
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा शास्त्री ने पंचांगों के हवाले से बताया कि मलमास की शुरूआत शुक्रवार को उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र और शुक्ल योग में पवित्र मास का आरंभ हुआ है। इसका समापन 16 अक्टूबर को होगा। इस दौरान सात सर्वार्थ सिद्धि योग, दो द्विपुष्कर योग, एक अमृत सिद्धि योग सात सिद्धि योग और एक पुष्य नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है।
सर्वार्थ सिद्धि योग- इस योग व्यापार में मुनाफा, शिक्षा में प्रगति, नौकरी में पदोन्नाति, सर्व मनोकामना पूर्ति तथा और कार्य में सफलता देने वाला होता है। यह योग 21 व 26 सितंबर तथा अक्टूबर में 4, 6, 7, 9 और 11 तारीख को सर्वार्थ सिद्धि योग है।
द्विपुष्कर योग- इस योग में किये गए सभी शुभ कार्य का दोगुना फल मिलता है। यह योग सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम मुहूर्त होता है। सितंबर में 19 व 27 को द्विपुष्कर योग रहेगा।
अमृत सिद्धि योग- इस शुभ योग में किया गया कार्य सर्वदा के लिए शुभ होता है तथा इसका शुभ फल दीर्घकालीन होता है। यह योग वार और नक्षत्र के तालमेल से बनता है। यह योग 2 अक्टूबर को है।
पुष्य नक्षत्र- यह नक्षत्र 27 नक्षत्रों में सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। 11 अक्टूबर को रवि पुष्य का संयोग है। इस दिन सभी प्रकार की वस्तुओं की खरीदारी करना शुभ होता है। यह खरीदारी अक्षय फल प्रदान करता है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। इस योग को मुहूर्त में गुरु पुष्य योग के समान ही महत्व दिया गया है।
सिद्धि योग- अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के अलावा सिद्धि योग को भी बहुत शुभ माना जाता है। इस योग में किसी भी नए काम की शुरूआत करने के लिए एकदम सही और उपयुक्त होता है। इस योग में कार्य करने से सफलता अवश्य मिलती है। यह योग सितंबर में 18, 23, 29 को है तथा अक्टूबर में 01, 02, 10 व 14 को है।
अन्य शुभ मुहूर्त
ध्रुव स्थिर मुहूर्त- 18, 26 सितंबर और सात एवं 15 अक्टूबर को ध्रुव स्थिर मुहूर्त है। इस मुहूर्त में राजनेता, अधिकारी को पदभार ग्रहण करना शुभ होगा।
चर चल मुहूर्त- 20, 27, 28, 29 सितंबर और 10 अक्टूबर को चर चल मुहूर्त है। इसमें वाहन, इलेक्ट्रानिक्स खरीदना शुभ होगा।
मिश्र मुहूर्त- 21 सितंबर और 06 अक्टूबर को शादी-ब्याह की तैयारियों में विवाह भवन, धर्मशाला की बुकिग, शादी की खरीदारी और व्यापारिक सौदों के लिए शुभ रहेगा।
क्षिप्र लघु मुहूर्त- 19 सितंबर, 04 तथा 11अक्टूबर को वाहन की खरीदारी करना शुभ होगा।
मृदु मैत्र मुहूर्त- 19, 22 सितंबर और 02, 03, 08 अक्टूबर को वर-कन्या अवलोकन, सगाई या वैवाहिक रिश्तों की बात आगे बढ़ाई जा सकती है।


