नीतीश-सुमो की जोड़ी टूटी, भाजपा ने बदल डाला पूरा घर, कई बड़े चेहरे को लगा दिया ठिकाना
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 125 सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद सोमवार को नीतीश कुमार ने सातवीं बार बिहार में मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। उनके अलावा 14 और विधायकों और एमएलसी ने मंत्री पद की शपथ ली। इस तरह आज एनडीए की नई सरकार का गठन हो गयौ। नीतीश कुमार को राज्यपाल फागू चौहान ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके बाद बीजेपी के तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी ने शपथ ली। कुल 14 मंत्रियों ने शपथ ली। 5 मंत्री जदयू से बने हैं तो 7 मंत्री भाजपा के हैं। जबकि 1-1 पद हम और वीआईपी को मिला है। शपथ ग्रहण समारोह में नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल के गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी राजभवन पहुंचे। तेजस्वी यादव ने नीतीश को बधाई देने के साथ तंज कसते हुए उन्हें मनोनीत मुख्यमंत्री बताया। इस तरह नीतीश कुमार की कैबिनेट पूरी तरह से एक अलग रंग में दिख रही है। काफी चेहरे बदले हुए हैं।
बिहार में एनडीए सरकार की शुरूआती दौर से ही नीतीश कुमार के साथ उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले सुशील मोदी की जगह तारकिशोर प्रसाद सिंह और रेणु देवी को बीजेपी ने उपमुख्यमंत्री बनाया है। बता दें नीतीश कुमार और सुशील मोदी की जोड़ी अब जाकर टूट गई है। वहीं बीजेपी कोटे से मंत्री बनने वाले सात चेहरे में मंगल पांडेय को छोड़कर सभी पहली बार बिहार कैबिनेट में शामिल हुए हैं।
शपथग्रहण समारोह में बीजेपी के जिन बड़े नेताओं को जगह नहीं मिली है, उनमें सुशील मोदी, प्रेम कुमार, नंद किशोर यादव, विजय सिन्हा और विनोद नारायण झा का नाम शामिल हैं। वहीं, जदयू की बात करें तो नीतीश कुमार ने अपने अधिकांश सिपहसलारों पर भरोसा जताया है। अशोक चौधरी, बिजेंद्र यादव को फिर से अपनी कैबिनेट में जगह दी है। पहली बार विधायक बनी शीला मंडल को मंत्री बनाया है। जबकि नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले और पूरे चुनाव प्रचार के दौरान साए की तरह साथ रहने वाले संजय झा, पूर्व मंत्री महेश्वर हजारी और नालंदा से आने वाले श्रवण कुमार जैसे नामों को शामिल नहीं किया गया।


