नई शिक्षा नीति ऐतिहासिक और अविस्मरणीय कदम
भागलपुर। अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष गीतकार राज कुमार ने केंद्र सरकार के द्वारा पारित नई शिक्षा नीति को लेकर कहा कि वर्षों की तपस्या व विचार-मंथन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई शिक्षा नीति को आखिरकार मंजूरी मिली है, यह देश के लिए ऐतिहासिक, अविस्मरणीय और विभिन्न प्रांतों व जिलों के स्थानीय भाषा-भाषियों के लिए गौरव की बात है। आज हर विचारधारा के लोग इस मसले पर मंथन कर इस नई शिक्षा नीति का समर्थन कर हैं। राज कुमार ने कहा कि अब इसे जमीन पर उतारने के लिए केंद्र सरकार को जो भी करना पड़े, वो जल्द किये जाएं।
उन्होंने कहा कि विगत वर्षों चुनावी अभियान के दौरान पीएम मोदी ने स्थानीय भाषाओं का उपयोग कर उनकी ताकत और उनके महत्व को भली-भांति समझा और शायद उन्होंने महसूस किया कि स्थानीय भाषाओं की उपेक्षा भारतीय लोकतंत्र के लिए कदापि उचित नहीं है, तभी उन्होंने स्थानीय भाषाओं को महत्व देते हुए पुरानी शिक्षा नीति में तब्दीली लाकर नई शिक्षा नीति लागू करने का निश्चय किया जो कि ऐतिहासिक और अविस्मरणीय कदम है। इस सराहनीय कदम की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है।


