प्रीति योग में धनतेरस गुरूवार को, शुभ संयोग में दिवाली शनिवार को
गुरूवार-शुक्रवार दोनों दिन होगी धनतेरस की खरीदारी व पूजन

पटना। कार्तिक कृष्ण प्रदोष व्यापिनी त्रयोदशी तथा प्रीति योग में धनतेरस का पर्व गुरूवार को मनाया जाएगा। त्रयोदशी तिथि कल शाम 06:32 बजे से शुक्रवार को संध्या 04:12 बजे तक रहेगा। इस अंतराल में खरीदारी, निवेश, पूजा-पाठ किया जाएगा। समुद्र मंथन के समय आज ही के दिन भगवान धनवंती ने रोगास्थ प्राणियों के लिए अमृत कलश लिए समुद्र से उत्पन्न आयुर्वेद विद्या का प्रसाद दिया। भगवान धन्वंतरि ने कठिन तपश्चर्जा, अविरस्थ साधना और गंभीर अन्वेषणापूर्ण अनुभूतिभर धन जो सभी धनों का तेरह गुना ज्यादा है। इसी से इस दिन बर्तन, सोना, चांदी आदि खरीदने की परंपरा है। धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने से लक्ष्मी का वास होता है।
अकाल मृत्यु से बचाव हेतु यम को दीप दान
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा ने बताया कि गुरुवार को कार्तिक कृष्ण प्रदोष व्यापिनी त्रयोदशी से दीपोत्सव का पंच दिवसीय दीपोत्सव आरंभ हो जाएगा। कल प्रदोषकाल में यम को तिल तेल का दीपक घर के बाहर दक्षिण मुख दिखाने से काल-संकट, रोग, शोक, भय, दुर्घटना, अकाल या अप मृत्यु से मुक्ति होती है। समुद्र मंथन के समय कलश के साथ भगवान धनवंती का अवतरण हुआ। उसी प्रतीक में ऐश्वर्य, धन ,सौभाग्य, सुख आदि वृद्धि के लिए बर्तन खरीदने की परंपरा है। धनतेरस के दिन सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना से भगवान धन्वंतरि का पूजन कर संध्या काल में घर के मुख्य द्वार पर तेल का दीप प्रज्जवलित किया जाएगा।
शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजा से अक्षय फल
धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त में माता लक्ष्मी की पूजा या खरीदारी करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। सालांतर में इसकी महत्व तेरह गुना बढ़ जाती है। इस दिन झाड़ू खरीदने की अनोखी परम्परा है। मान्यता है कि इस दिन झाड़ू खरीदने से दरिद्रता दूर होती है। धनतेरस के दिन लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा, सोना, चांदी, रत्न, जेवरात, वाहन, भूमि, घर में इस्तेमाल आने वाली वस्तुओं की खरीदारी की जाती है।
खरीदारी एवं पूजन का शुभ मुहूर्त
अमृत योग – संध्या 06:32 बजे से 07:18 बजे तक
चंचल योग – रात्रि 07:18 बजे से रात 08:56 बजे तक
शुक्रवार को चौघडिया मुहूर्त
चंचल योग- प्रात: 06:43 बजे से 08:05 बजे तक
गुली काल- प्रात: 07:29 बजे से 08:50 बजे तक
लाभ योग – सुबह 8:05 से 9:27 तक
अमृत – सुबह 9:27 से 10:49 बजे तक
अभिजित मुहूर्त- दोपहर 11:12 बजे से 11:55 बजे तक
शुभ योग – दोपहर 12:11 बजे से 01:33 तक बजे तक
चंचल : शाम 4:17 से 5:39 बजे बजे तक
राशि के अनुसार खरीदारी से लाभ
मेष राशि : चांदी या तांबा के बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान
वृष राशि : चाँदी या तांबे के बर्तन, वस्त्र, श्रृंगार की सामग्री, कलश
मिथुन राशि : स्वर्ण आभूषण, स्टील के बर्तन, हरे रंग के घरलू सामान, पर्दा
कर्क राशि : चांदी के आभूषण या पायल, बर्तन, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामान
सिंह राशि : तांबे के बर्तन या कलश, वस्त्र, सोना
कन्या राशि : गणेश की मूर्ति, सोना या चांदी के आभूषण, कलश
तुला राशि : वस्त्र, सौंदर्य सामान या सजावटी सामान, चांदी या स्टील के बर्तन
वृश्चिक राशि : इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सोने के आभूषण, बर्तन, तांबा या मिट्टी का गमला
धनु राशि : स्वर्ण आभूषण, तांबे या स्टील बर्तन
मकर राशि : वस्त्र ,वाहन, चांदी के बर्तन या आभूषण
कुम्भ राशि : सौंन्दर्य के सामान, स्वर्ण, ताम्र पात्र, जूता-चप्पल
मीन राशि : स्वर्ण आभूषण, चांदी या पीतल के बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण

