दिल्ली एम्स के बाद अब पटना एम्स सेंटर आफ एक्सीलेंस घोषित, एम्स में कोरोना से 2 की मौत
एम्स मॉडल से होगा अस्पतालों में कोविड 19 का इलाज
फुलवारी शरीफ। दिल्ली एम्स के बाद अब पटना एम्स को सरकार ने सेंटर आॅफ एक्सीलेंस बनाने का निर्णय लिया है। कोरोना संक्रमण एवं इसके इलाज के लिए एम्स पटना मॉडल की सराहनीय कार्य को देखते हुए राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी पत्रांक के जरिये पटना एम्स को सेंटर आॅफ एक्सीलेंस घोषित किया गया है। इससे पहले केंद्र सरकार ने दिल्ली एम्स को सेंटर आॅफ एक्सीलेंस घोषित किया गया था। साथ ही सभी राज्य सरकारों से अपने-अपने राजधानी में एक कोविड-19 अस्पताल बनाने को कहा गया था। राज्य सरकार ने एक जैसा सहमति के बाद इसे सेंटर आॅफ एक्सीलेंस घोषित किया। उक्त जानकारी देते हुए एम्स निदेशक डॉ. प्रभात कुमार सिंह एवं नोडल पदाधिकारी डॉक्टर संजीव कुमार सिंह ने बताया कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों एवं जिलों के स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण देने की रूपरेखा तैयार कर कर लिया गया है। कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए एम्स पटना मॉडल के अनुसार सभी अस्पतालों को तैयार किया जाएगा। जिससे एम्स मॉडल के अनुसार अन्य अस्पतालों में कोविड मरीजों का इलाज किया जाएगा। पटना के शिक्षाकर्मियों, चिकित्सकों व नर्सों ने सरकार के इस कदम की प्रशंसा की है।

पटना एम्स में कोरोना से 2 लोगों की मौत, 23 नए मामले आये सामने
फुलवारी शरीफ। पटना एम्स में बुधवार को 2 लोगों की मौत कोरोना से हो गयी, जबकि 23 नए मरीजों की जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव निकली है। एम्स कोरोना नोडल आफिसर डॉ. संजीव कुमार के मुताबिक पटना एम्स में हाजीपुर के 60 वर्षीय पंकज प्रसाद राय और बेगूसराय के 42 वर्षीय हरेराम यादव की कोरोना से मौत हो गयी है। वहीं बुधवार को एम्स के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती 23 नये मरीजों की जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई, जिसमें पटना के 15, सीतामढ़ी, मुंगेर के मरीज शामिल हैं। इसके आलावा एम्स में 18 लोगों ने कोरोना को मात दे दिया, जिन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

