February 15, 2026

दानापुर विधानसभा में आशा सिन्हा और रीतलाल आमने-सामने, दोनों ने एक दूसरे पर लगाया आरोप

दानापुर। बिहार विधान सभा चुनाव के दूसरे चरण लिए सभी दलों के उम्मीदवारों की ओर से नामांकन का दौर जारी है। मंगलवार को इसी क्रम में दानापुर विधान सभा क्षेत्र से निवर्तमान भाजपा नेत्री विधायिका आशा सिन्हा पांचवीं वार भाजपा के सिम्बल के साथ अपना नामांकन की। वहीं 10 साल जेल से बेल पर बाहर आये रीतलाल राय ने राजद के सिम्बल पर अपना नामांकन किया है एवं भारतीय जनक्रांति दल से शिव शंकर मिश्रा ने निर्वाची पदाधिकारी सह एसडीओ विनोद दूहन के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किया।
वहीं रीतलाल यादव ने राजद सिम्बल पर अपना नामांकन करने के बाद कहा कि इस बार उनको बहुत खुशी है कि उनके अभिभावक लालू प्रसाद का साथ और आशीर्वाद मिला है। रीतलाल ने कहा कि जब अभिभावक का साथ नहीं था, उस समय उनकी कमी खली थी। लेकिन उस दौरान जनता का साथ था। 2010 में कम वोट से हार गए थे। लेकिन इस बार लालू प्रसाद का हाथ मेरे सिर पर है। इस बार सिर्फ जीत ही नहीं बल्कि जीत का रिकॉर्ड भी बनेगा। उहोंने सवालों के जवाब में कहा कि मैं बाहुबली था, हूं और रहूंगा भी। आप किसी भी व्यक्ति विशेष या व्यवसाय से जुड़े लोगों से पूछ सकते हैं कि रीतलाल उसे कभी भी किसी तरह से परेशान किया है क्या? यह सब जनता को डरा कर वोट को अपने पक्ष में करने की साजिश है। मुझे झूठे मामलों में साजिश के तहत सत्ता की आर में फंसाया गया है। जनता से मिले आशीर्वाद और प्यार से ही आज चुनाव मैदान में हूं। उन्होंने कहा, मैं विधान पार्षद रहते हुए भी पिछले 10 साल से जेल में रहने के कारण जो मेरा सपना था और जनता की उम्मीदें थी, उसे पूरा नहीं कर पाया, उसे पूरा करूंगा। दियारावासियों की काफी समय से गंगा में पूल और जलजमाव से प्रभावित क्षेत्रों में जलजमाव से निजात दिलाना और भयमुक्त समाज की स्थापना मेरी पहली प्राथमिकता रहेगी।

मेरे पति स्व. सत्यनारायण सिन्हा की हत्या का आरोपी है : आशा सिन्हा
इधर, इस मौके पर आशा सिन्हा ने कहा कि हम अपने कार्यकाल के दौरान किये गए विकास कार्यों और प्रदेश में मौजूद एनडीए की सरकार की ओर से किये गये चौमुखी विकास कार्यो के आधार पर जनता से वोट मांगेंगे। जनता की ओर से जारी विरोध के बारे में पूछे गए सवालों के बारे में उन्होंने कहा कि जहां भी नए कॉलोनियों या आबादी घर बना कर बसे हैं, वहां जलजमाव की समस्या है। ऐसे लोगों की मांग और नाराजगी है, मैं इसे स्वीकार करती हूं और इसका निदान सब से पहली प्राथमिकता के आधार पर किया जायेगा। एक सवाल के जवाब में श्रीमति सिन्हा ने कहा, दानापुर से राजद का उम्मीदवार जिस व्यक्ति को बनाया गया है, अपराध के मामले में जेल से बेल पर छूट कर आया है। उसने मेरे पति स्व. सत्यनारायण सिन्हा की हत्या का आरोपी है। कई अपराधिक मामला भी इस पर दर्ज है। ऐसे लोगों को रात के अंधरे में राजद सुप्रीमो के सहमति से टिकट दिया जाना जनता के साथ अन्याय है। जनता राजद शासनकाल जंगल राज में अपराध का खौफ झेल चुकी है। जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी और हम जनता के आशीर्वाद से एक बार फिर से इस बार रिकार्ड मतों से जीत हासिल करुंगी।

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