February 20, 2026

BIHAR : दलितों की ही हत्या पर नौकरी क्यों, बेरोजगार वेदना दिवस का लाखों बेरोजगारों का मिला समर्थन

फुलवारी शरीफ। भारतीय बेरोजगार पार्टी, बिहार के अध्यक्ष रमेश कुमार ने सीएम नीतीश के दलितों की हत्या पर नौकरी देने के वादे पर तंज कसते हुए कहा कि एक प्रदेश के मुखिया होने के नाते उनका नैतिक जिम्मेदारी बनता है कि बिना भेदभाव किए सभी जाति-धर्मों के लोगों की रक्षा के लिए अक्षुण्ण रहें। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि वे दलितों के विषय मे चिंतनशील हैं। रमेश कुमार ने नीतीश कुमार द्वारा दलितों की हत्या पर नौकरी देने के संबंध में मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या दलितों के अलावे किसी अन्य समुदाय विशेष की जान की कीमत नहीं है? सरकार सभी बेरोजगारों और अतिपिछड़े व पिछडों की हत्या पर भी नौकरी देने की घोषणा करे। रमेश ने कहा कि यदि सही मायने में समाज में बदलाव लाना चाहते हैं तो ऐसी नीति बनाएं ताकि लोग हत्या करने के पहले हजार बार सोचें। उन्होंने कहा कि जिस दिन हमारी सरकार प्रदेश में बनी तो सबसे पहले हत्या के मामले में एक कड़ा कानून पारित करने का काम करूंगा।
बेरोजगार वेदना दिवस का लाखों बेरोजगारों का मिला समर्थन
वहीं रमेश कुमार ने कहा कि आज के ताली थाली आयोजन बिहार सहित अन्य प्रदेशों में भी मनाया गया। उन्होंने बताया कि युवा सरकार के बेरोजगार विरोधी नीति से त्रस्त हैं। सरकार को बेरोजगारों के प्रति ध्यान आकृष्ट कराने का यह सिर्फ संकेत मात्र था। यदि सरकार अभी भी नहीं जागी, तो फिर करोड़ों युवा बेरोजगार सड़क पर उतर आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे। ज्ञात हो कि सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रिया में लेटलतीफी को लेकर और रोजगार के लिए सरकार को जगाने के उद्देश्य से पार्टी द्वारा आज ताली थाली बजाते हुए बेरोजगार वेदना दिवस के रूप में घोषित किया था।

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