February 16, 2026

दरभंगा लूटकांड : लाइनर समेत 7 अपराधी गिरफ्तार; लाइनर बाकरगंज में कारीगर के रूप में करता था काम, इन जिलों के अपराधियों पर भी नजर

पटना। बिहार के दरभंगा के बड़ा बाजार में बुधवार की सुबह लगभग 10.30 बजे हुई साल की सबसे बड़ी 7 करोड़ रूपये की ज्वेलरी लूटकांड मामले में पुलिस ने चार दिनों की लगातार तफ्तीश के बाद लाइनर समेत 7 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। लेकिन इन गिरफ्तार अपराधियों में किसी का बड़ा आपराधिक इतिहास नहीं रहा है, ऐसा पुलिस का कहना है। गिरफ्तार अपराधियों में दरभंगा के मदारपुर के भूषण सहनी, कन्हैया कुमार, केशव कुमार, राजकुमार, पवन कुमार के साथ लहेरियासराय के गणेश कुमार और मौलागंज के राजू उर्फ साका उर्फ कोठिया शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से 1 देसी कट्टा, 2 कारतूस, 200 ग्राम गांजा, 20 पत्ता नशे की गोली, दो पल्सर बाइक और 5 मोबाइल बरामद किए हैं। हालांकि अभी तक लूट के ज्वेलरी की बरामदगी नहीं हो पाई है। वहीं 6 हाजीपुर और 3 मधुबनी के जयनगर के अपराधियों की संलिप्तता की पुष्टि पुलिस ने की है। इसमें हाजीपुर सोना लूट कांड का मास्टरमाइंड मनीष सहनी पर भी पुलिस की निगाह है, जिसके गिरोह ने कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है। इनकी तलाश झारखंड पुलिस भी कर रही है। वहीं पुलिस की मुजफ्फरपुर, हाजीपुर और समस्तीपुर जिलों के अपराधियों पर भी नजर है। मुजफ्फरपुर और हाजीपुर के गैंग के साथ समस्तीपुर के विकास झा की संलिप्तता पर पुलिस निगरानी कर रही है।
लाइनर दरभंगा का ही सोना व्यवसायी
पुलिस के अनुसार, दरभंगा का सोनार कन्हैया कुमार इस कांड का लाइनर है, जिसने पुख्ता प्लान बनाकर दुकान में डाका डाला। उसने मधुबनी के दिनेश यादव और हाजीपुर के मास्टरमाइंड मनीष सहनी के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। एक साल पहले तक वह बाकरगंज के अन्नपूर्णा ज्वेलर्स में कारीगर के रूप में काम करता था। उसी दौरान उसका अलंकार ज्वेलर्स के यहां भी आना-जाना होता था। कन्हैया ने जब अपनी दुकान भी खोल ली, इसके बाद भी वह अलंकार ज्वेलर्सा आता-जाता था। दुकान के गहने देखकर उसे लालच आ गया। इसी बीच उसका संपर्क जयनगर, मधुबनी के शातिर अपराधी दिनेश यादव से हुआ, जिसे उसने अपने ही मोहल्ले में किराए पर एक कमरा दिला दिया। इसी कमरे में दोनों इस बड़ी लूट की प्लान बनाने लगे। धीरे-धीरे उसने अपने दुकान के कारीगर केशव कुमार साह को भी इसमें शामिल कर लिया। इसके बाद भी जब उसे लगने लगा कि केवल दिनेश यादव से मामला नहीं संभलेगा, तब उसने अपने पुत्र भूषण सहनी को भी जोड़ लिया। भूषण ने प्लान को अंजाम तक पहुंचाने के लिए हाजीपुर में सोना लूट के मास्टरमाइंड मनीष सहनी को भी इसमें शामिल कर लिया। मनीष सहनी के पास हथियार के साथ अपना पूरा गिरोह भी था, जिसके कारण लाइनर के साथ दोनों मास्टरमाइंड के तार आपस में जुड़ गए। भूषण ने मनीष सहनी के गिरोह को दरभंगा के मदारपुर बुला लिया और पूरी प्लानिंग रच डाली। इस दौरान डकैती कांड को अंजाम देने के लिए दरभंगा के दुकान, बाजार और रास्तों की अच्छे तरह से रेकी की गई। बीते 8 दिसंबर को सभी अपराधी मदारपुर आकर मडंल लॉज में रात भर ठहरे। रात में इन्होंने फिर से रेकी की। सुबह 5 बजे ही उठकर सभी अपराधी एनएच की ओर फ्रेश होने और चाय-नाश्ता करने चले गए। स्थानीय अपराधी पुलिस के मूवमेंट पर नजर रखने लगी तो वहीं बाहर के जिलों से आए अपराधियों ने बड़ा बाजार में डकैती कांड को अंजाम दिया। इसके बाद पूर्व निर्धारित समय पर वह अलग-अलग रास्तों से लौट गए।
लूटकांड में हाजीपुर का प्रोफेशनल गिरोह शामिल
पुलिस के अनुसार, इस लूटकांड में हाजीपुर का प्रोफेशनल गिरोह शामिल है, जिसमें अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। लाइनर की भूमिका निभाने वाला व्यवसायी और एक महिला भी इसमें शामिल है। फिलहाल हाजीपुर और मधुबनी में छापेमारी चल रही है। पुलिस के अनुसार सोने के एक दुकानदार ने लाइनर की भूमिका निभाई थी। उसने अपना अपराध कबूल किया है। एसएसपी बाबू राम ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की गई थी, जिसके बाद एसटीएफ की छह सदस्यीय टीम और सीआइडी की टीम भी अलग-अलग स्तर पर जांच में जुटी है। फिलहाल 7 अपराधियों को गिरफ्तार करने में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। वारदात में इस्तेमाल की गई एक बाइक भी बरामद की गई है।

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