जेएसीपी के छात्र नेताओं की रिहाई के लिए जाप ने रखा राज्यव्यापी उपवास
पटना। जन अधिकार पार्टी द्वारा पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के अध्यक्ष सह जन अधिकार छात्र परिषद के उपाध्यक्ष मनीष यादव, विनय यादव, लवकुश यादव, आदित्या मिश्रा की रिहाई की मांग को लेकर आंखों पर काला पट्टी बांधकर एकदिवसीय राज्यव्यापी भूख हड़ताल किया गया। बता दें कि बीते दिनों प्रवासी छात्र मजदूरों को वापस बुलाने की मांग को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर धरने पर बैठे परिषद के नेताओं को पटना यूनिवर्सिटी मुख्यद्वार से गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके विरोध में राज्यव्यापी उपवास किया गया।
इस दौरान भूख हड़ताल पर बैठे जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह छात्र परिषद के प्रभारी राजेश रंजन ने कहा कि वर्तमान सरकार की तानाशाही व्यवस्था में मजदूरों और छात्रों की हालत दर्दनाक है। कोरोना काल में सड़क पर पैदल चल युद्ध लड़ रहे सैकड़ों मजदूर हर रोज शहीद हो रहे हैं और उनको वापस बुलाने के लिए आवाज उठाने वाले परिषद के छात्र नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाना शर्मनाक है। मजदूरों को वापस बुलाने के नाम पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच नूरा-कुश्ती का खेल बंद हो, भूख से तड़प रहे प्रवासी मजदूरों के पीड़ा को सरकार गंभीरता से ले।
वहीं परिषद के प्रदेश अध्यक्ष विशाल कुमार ने कहा कि छात्र परिषद के नेताओं को जल्द रिहा नहीं किया जाता है तो कोरोना काल में ही सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर सड़कों पर उतर सरकार का विरोध करने के लिए विवश होंगे। राज्यव्यापी भूख हड़ताल पर जाप के राष्ट्रीय महासचिव राजेश रंजन पप्पू, युवा परिषद के उपाध्यक्ष सन्नी यादव, नीतीश सिंह, निकी जसवाल, विकास कुमार, यीशु यादव, मनीष कुमार आदि उपस्थित रहे।


