जिसने बिहार को लालटेन युग में रखा, वे आज भी लालटेन लेकर घूम रहे : जदयू

15 वर्षों में इतना सबकुछ हो जाना किसी अजूबा से कम नहीं : विजेंद्र


पटना। जदयू के विधानसभावार वर्चुअल सम्मेलन के पहले दिन शनिवार को किशनगंज जिले के बहादुरगंज, ठाकुरगंज, किशनगंज और पूर्णिया जिले के अमौर विधानसभा क्षेत्र के पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ फेसबुक लाइव और डेडिकेटेड आॅनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से वर्चुअल संवाद किया गया। चार सत्रों में हुए वर्चुअल सम्मेलनों को जिला एवं विधानसभा स्तर के कई नेताओं ने भी संबोधित किया।
इसमें जदयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार के ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि राज्य के कोने-कोने से कुछ घंटे में पटना पहुंचने के लिए फोर लेन सड़क और पुल, गांव-गांव में पक्की सड़कों का विस्तार, हर गली का पक्कीकरण, घर-घर नल का जल, हर घर में बिजली, पूरे राज्य में जगह-जगह पावर ग्रिड आदि। आप यदि 15 साल पहले के बिहार को याद करें तो सिर्फ 15 वर्षों में इतना सबकुछ हो जाना किसी अजूबा से कम नहीं लगेगा। यह सब इसलिए हो पाया, क्योंकि बिहार को नीतीश कुमार जैसा दूरदर्शी नेतृत्व मिला है। उन्होंने कहा कि बिहारवासियों को किसी अज्ञानी नेता के पीछे खड़े होने से बचना चाहिए।
वहीं सम्मेलन का संचालन करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्य के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि मुख्यमंत्री के लिए पूरा बिहार अपना परिवार है, जबकि विपक्ष के नेता के लिए अपना परिवार ही है सब कुछ है, बिहार की तो उसमें कहीं कोई जगह ही नहीं है। श्री झा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक ऐसा बिहार मिला था, जिसमें विकास की कोई बात ही नहीं होती थी, सब कुछ ध्वस्त था, राज्य अंधकार में डूबा हुआ था। जबकि पिछले 15 वर्षों में बिहार के कोने-कोने में सड़कों और पुलों का जाल बिछा है, घर-घर बिजली पहुंची है, उच्च शिक्षा के संस्थान खुले हैं, सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों का न्याय के साथ विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने बिहार को विकास से कोसों दूर, लालटेन युग में बनाये रखा था, वे आज भी उसी युग की निशानी लालटेन लेकर घूम रहे हैं। प्रदेश की जनता को ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।
बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय ने कहा कि अति पिछड़े वर्गों के कल्याण के जननायक कर्पूरी ठाकुर के सपनों को साकार किया है। पिछले 15 वर्षों में सामाजिक सद्भाव और न्याय के साथ विकास का प्रतिफल है कि आज पंचायत स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक में अत्यंत पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधि एवं अधिकारी नेतृत्वकारी भूमिका में हैं।
एससी-एसटी कल्याण मंत्री रमेश ऋषिदेव ने कहा, बिहार में दलित और महादलित वर्ग के युवा 2005 तक शिक्षा और विकास की मुख्य धारा से वंचित थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने छात्रवृति, कोचिंग, छात्रावास, कौशल विकास, अनुदान सहित अनेकानेक कल्याण योजनाएं चला कर दलित और महादलित वर्ग के युवाओं को आगे बढ़ाया, उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया। बोकारो से जुड़ी पार्टी की प्रदेश महासचिव प्रो. सुहेली मेहता ने एनडीए सरकार द्वारा बिहार की महिलाओं के कल्याण और उन्हें सम्मान देने के लिए किये गये कामों की विस्तार से जानकारी दी।

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