जदयू का वर्चुअल रैली : पूरे रौ में दिखे नीतीश कुमार, राजद शासनकाल के अंधेरगर्दी पर जमकर बोला हमला
लोग विकास की बात करते हैं लेकिन उनको पता नहीं होता है विकास के बारे में
कुछ लोग सेवा-सेवा बोल कर बस मेवा खाना चाहते हैं

पटना। जदयू के द्वारा मंगलवार दो वर्चुअल रैली का आयोजन किया गया। पहली रैली में 11 सीटों के लिए वर्चुअल रैली की गई जबकि दूसरी रैली 13 सीटों के लिए आयोजित की गई। इस रैली में बिहार के मुख्यमंत्री व जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार ने अपने पिछले 15 सालों में किए गए कामों का ब्यौरा दिया और आने समय में किए जाने वाले कामों के बारे में बताया। इस दौरान जदयू के वरीय नेता राजद शासनकाल के अंधेरगर्दी की जमकर आलोचना करते हुए राजद पर जमकर हमला बोला। जदयू नेता विकास की बात करते करते वापस राजद पर हमलावर होते दिखे, ताकि राजद शासनकाल की सच्चाई आज के युवा जान सके। इससे यही पता चलता है कि बिहार चुनाव में युवा वोटरों बड़ा फैक्टर साबित होने वाले हैं।

हमसे पहले पति-पत्नी को राज मिला, क्या किया
सीएम नीतीश कुमार मंगलवार को पूरे रौ में दिखे, उन्होंंने लालू-राबड़ी राज पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि कोरोना वायरस दुनिया भर में फैला हुआ है। इसके लिए हमने काम किया। 22 लाख लोगों को ट्रेन के माध्यम से लाया गया, 15 लाख लोगों को क्वारंटीन करने की व्यवस्था की गई। हमसे पहले पति-पत्नी को राज मिला, उन्होंने क्या किया। कानून की क्या स्थिती थी। लोग सही कहते हैं कि नई पीढ़ी को बताना चाहिए, बिहार में जंगलराज के बारे में। हमने कहा था कानून का राज स्थापित करेंगे, न्याय के साथ विकास करेंगे, हर तबके का विकास करेंगे और किया है। लोग विकास की बात करते हैं लेकिन उनको पता ही नहीं है, बिहार का कितना विकास हुआ है। पूरे राज्य की वृद्धि हुई है कोई यहां उद्योग नहीं लगाना चाहता, क्योंकि यहां समुद्र नहीं है इसलिए हम स्थानीय स्तर पर उद्योग लगाने के लिए काम कर रहे हैं।
लोग रोजगार की बात करते हैं पहले कितना रोजगार दिया था
उन्होंने अपना हमला जारी रखते हुए कहा कि लोग रोजगार की बात करते हैं पहले कितना रोजगार दिया था। 95,734 लोगों का 15 साल में भर्ती किया था। तब बिहार और झारखंड एक था। हमने अपने 15 साल में 6 लाख 8 हजार 893 युवाओं को भर्ती करने का काम किया और भी काम चल रहा है। आगे भी मौका मिलेगा तो सक्षम बिहार- स्वावलंबी बिहार सात निश्चय-2 के तहत काम करने का निर्णय लिया है। उद्योग के क्षेत्र में भी नई नीतियां बना दी हैं जिससे जो लोग बाहर से आए हैं, उनको काम मिल सके। रोजगार का सृजन हो सके। कुछ लोग परिवारवाद करते हैं। बेटा-बेटी, पति-पत्नी करते रहते हैं लेकिन पूरा बिहार मेरा परिवार है। हम हवाबाजी की बात नहीं करते हैं। सीएम नीतीश ने आग्रह किया कि आप सब काम के आधार पर वोट दीजिएगा। आगे मौका मिलेगा तो जो और योजनाएं बनाई हैं उस पर काम करेंगे।
पिछली सरकार ने विद्यालय की जगह चरवाहा विद्यालय बनाए
इससे पहले रैली की शुरूआत में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष व मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि पिछली सरकार ने विद्यालय की जगह चरवाहा विद्यालय बनाए लेकिन नीतीश कुमार ने आईआईटी, आईआईएम जैसे संस्थान बनवाए। ये नई पीढ़ी को बताना जरूरी है कि पहले क्या स्थिति थी बिहार की? जातिगत उन्माद था। बिहार लहूलुहान था। नीतीश कुमार ने न्याय के साथ विकास किया।
घर की छत पर जाग कर पहरा देना पड़ता था
वहीं सांसद ललन सिंह ने वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पहले बिहार में आतंक था, अंधेरे में कोई बाहर नहीं निकलता था, मगध में तो लोगों को रात-रात भर घर की छत पर जाग कर पहरा देना पड़ता था। 118 नरसंहार हुए, लोग पलायन कर रहे थे अपने बच्चों के भविष्य के लिए। नीतीश कुमार ने न्याय के साथ विकास करने का काम किया।

