गवाह सुरक्षा योजना को मंजूरी, बिहार कैबिनेट की बैठक में 18 एजेंडों पर मुहर
पटना। शनिवार को बिहार कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। बैठक में कुल 18 प्रस्तावों पर मुहर लगी। मंत्रिमंडल के निर्णयों में अहम फैसला यह लिया गया कि राज्य सरकार अब गवाहों को सुरक्षा प्रदान करेगी और साथ ही न्यायालय के विभिन्न कोटि के 676 अराजपत्रित पदों और सुपौल के वीरपुर अनुमंडलीय न्यायालय में आठ अराजपत्रित पदों पर बहाली के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
सीएम नीतीश की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। जिसमें अब राज्य सरकार संवेदनशील मुकदमों के गवाहों को सुरक्षा प्रदान करेगी। इसके लिए सरकार ने गवाह सुरक्षा योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत गवाह के माता-पिता, भाई-बहन समेत अन्य परिजनों को सुरक्षा मिलेगी। नीतीश मंत्रिमंडल ने फैसला लिया है कि मद्यनिषेध को कारगर बनाने के लिए 50 इंस्पेक्टर और 259 दारोगा के पदों पर नियुक्तियां होगी। इसके साथ ही बिहार में विशेष न्यायालयों में 676 अराजपत्रित पदों का भी सृजन किया गया है। उत्पाद अभियोग से संबंधित मामले के त्वारित निष्पादन के लिए 74 विशेष न्यायलय की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके साथ ही केन्द्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकण अधिनियम 1985 की धारा 4(2) के तहत बिहार प्रशासनिक न्यायाधिकरण के गठन संबंधी अधिसूचना निर्गत करने हेतु भारत सरकार को अनुरोध पत्र भेजे जाने की स्वीकृति का राज्य सरकार ने निर्णय लिया है।
इसके अलावा कई अन्य प्रस्ताव स्वीकृत किए गए
– धौंस नदी पर बराज और सिंचाई योजना पर लगी मुहर, विभिन्न सिंचाई योजनाओं के लिए 47 करोड़ की राशि स्वीकृत।
– कैबिनेट विशेष सचिव उपेंद्रनाथ पांडेय की सेवा अवधि बढ़ाई गई, एक साल का एक्सटेंशन दिया गया।
– अररिया पॉलिटेक्निक कॉलेज के नाम में बदलाव, अब कॉलेज का नाम फणीश्वर नाथ रेणु के नाम पर होगा।
– वनक्षेत्रों को बढ़ाने के लिए 141 करोड़ की स्वीकृति, पूर्णिया के चिकित्सा पदाधिकारी को सेवा से बर्खास्त। साथ ही कटिहार के चिकित्सा अधिकारी को भी सेवा से बर्खास्त किया गया।
– सुपौल अनुमंडल न्यायालय के लिए 40.88 लाख की राशि स्वीकृत और शराबबंदी की त्वरित सुनवाई के लिए 74 विशेष कोर्ट बनाने की मंजूरी।
– विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश बनाए गए।
– सरकारी निर्माण के लिए 61.57 करोड़ की राशि स्वीकृत।


