खुले में शौच से मुक्ति और पीने के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध हो तो 90% बीमारियों से मिल जाएगी मुक्ति: सीएम नीतीश
– पेयजल के अनुरक्षकों को दिए जाने वाले रिटेनर शुल्क को बढ़ाकर 1 हजार रुपए किया गया
– तीन विभागों द्वारा संयुक्त रुप से आयोजित हर घर नल का जल एवं हर घर तक पक्की गली-नालियां अंतर्गत विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन एवं लोकार्पण

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को 1 अणे मार्ग स्थित नेक संवाद से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से पंचायती राज विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा संयुक्त रुप से आयोजित हर घर नल का जल निश्चय एवं हर घर तक पक्की गली-नालियां निश्चय अंतर्गत विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन एवं लोकार्पण किया।
हर घर नल का जल निश्चय योजना अंतर्गत बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा 11,501.86 करोड़ रुपए की लागत से 31,833 ग्रामीण वार्डों में 50,93,000 घरों में जलापूर्ति तथा पंचायती राज विभाग द्वारा 8,700 करोड़ रुपए की लागत से 55,003 ग्रामीण वार्डो में 88 लाख घरों में जलापूर्ति तथा बिहार के शहरी क्षेत्रों में नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा 228.87 करोड़ रुपए की लागत से 687 शहरी वार्डों में 2,01,791 घरों में जलापूर्ति के कार्य का उद्घाटन एवं लोकार्पण किया गया। वहीं घर तक पक्की-गली नालियां निश्चय के अंतर्गत बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग द्वारा 12,700 करोड़ रुपए की लागत से 1,13,902 ग्रामीण वार्डों में, शहरी क्षेत्रों में नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा 585.78 करोड़ रुपए की लागत से 1898 शहरी वार्डों में योजनाओं का भी उद्घाटन एवं लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह कार्यक्रम 7 निश्चय योजना के अंतर्गत दो प्रमुख निश्चय हर घर नल का जल एवं हर घर तक पक्की गली-नालियों का निर्माण कर उसका क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2010 में यात्रा के दौरान मुंगेर जिले के अंतर्गत खैरा ग्राम जाने पर लोगों ने फ्लोराइड के कारण हो रही परेशानी के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद अध्ययन कराया गया और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने काम करना शुरू किया लेकिन फॉरेस्ट विभाग से अनुमति नहीं लिए जाने के कारण थोड़ी विलंब हुई और वर्ष 2017 में खड़गपुर झील से पीने का पानी को शुद्ध कर पेयजल के रुप में लोगों तक पहुंचाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 14 जिलों के 5085 वार्ड आर्सेनिक प्रभावित हैं, 11 जिले 3814 वार्ड फ्लोराइड प्रभावित हैं और 12 जिले 21,598 वार्ड आयरन प्रभावित हैं। कुल मिलाकर 31 जिलों के 30 हजार 419 वार्ड आर्सेनिक, फ्लोराइड एवं आयरन से प्रभावित हैं। इन सभी वार्डों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए निंरतर काम किया जा रहा है। गुणवत्ता प्रभावित वार्डों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को दी गई। इस काम को पूरा करने में काफी परेशानी हुई, बावजूद इसके काम को पूर्ण किया गया और जो बचे हुए काम हैं उसे भी अक्टूबर, 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा। जबकि नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा कुल 3,370 वार्डों में से 1,421 वार्डों में कार्य पूरा कर लिया गया है। शेष बचे हुए काम को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा 817 वार्डों में अमृत योजना के तहत लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा, जिसकी राशि मिल गई है और उस पर काम शुरू हो गया है।

सीएम नीतीश ने कहा कि पीएचईडी द्वारा जानकारी दी गई है कि 89 लाख घरों में नल का जल पहुंचाने के लक्ष्य के तहत 51 लाख 88 हजार घरों में नल का जल पहुंचा दिया गया है। शेष बचे हुए काम अक्टूबर तक पूर्ण हो जाएंगे। बिहार में लोगों को शुद्ध पेयजल की सुविधा वर्ष 2020 के अंत तक मिल जाएगी। जैसा कि बताया गया है कि पूरे देश में वर्ष 2024 तक तथा विश्व भर में 2030 तक इसका लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लोगों को पीने के लिए शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। लोग इसका सदुपयोग करें, पानी का दुरुपयोग ना करें। कुछ लोग इस जल को पटवन एवं जानवरों के लिए भी उपयोग में लाते हैं, यह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए भी कार्य किये जा रहे हंै। उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति पर काम किया जा रहा है। हर घर शौचालय का भी काम पूरा किया जा रहा है। लोग शौचालय का उपयोग करें, खुले में शौच न जाएं। अगर खुले में शौच से मुक्ति मिल जाए और पीने के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध हो तो आज होने वाली 90 प्रतिशत बीमारियों से मुक्ति मिल जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज विभाग ने जानकारी दी है कि कुल 8386 ग्राम पंचायतों के 1 लाख 14 हजार 691 वार्डों में 1 लाख 15 हजार 902 वार्डों में पक्की नाली गली का निर्माण पूर्ण हो गया है। इस पर 12 हजार 700 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। पक्की गली नाली के निर्माण में पेवर ब्लॉक्स का भी उपयोग किया जा रहा है इससे वर्षा के दौरान पानी जमीन के अंदर जाने से भू-जल का स्तर हमेशा बना रहेगा। अगर फिर से कुछ निर्माण कार्य किया जाना है तो उसको आसानी से उखाड़ा जा सकता है और कार्यों को किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर नल का जल निश्चय एवं हर घर तक पक्की गली-नाली का निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण होने की वजह कार्यों को विकेंद्रीकरण तरीके से कराया जाना है। इसमें मुखिया के साथ-साथ वार्ड सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समितियों द्वारा कार्यान्वित एवं अनुरक्षित योजनाओं के लिए वार्षिक अनुरक्षण अनुदान 12 हजार रुपए से बढ़ाकर 24 हजार रुपए कर दिया गया है। अब वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समितियों को दिया जाने वाला अनुरक्षण अनुदान 1 हजार से बढ़ाकर 2 हजार रुपए प्रतिमाह हो गया। सभी उपभोक्ताओं को 30 रुपए का निर्धारित शुल्क भी देना चाहिए। पेयजल के अनुरक्षण कार्य में संबद्ध अनुरक्षकों को 500 रुपए प्रतिमाह की दर से दिए जाने वाले रिटेनर शुल्क को बढ़ाकर 1 हजार रुपए कर दिया गया है। कार्यक्रम के दौरान हर घर तक नल का जल, हर घर पक्की गली-नाली के निर्माण पर आधारित एक-एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
लाभार्थियों से भी मुख्यमंत्री ने किया संवाद
हर घर तक नल का जल योजना के लाभार्थियों से भी मुख्यमंत्री ने संवाद किया। शिवहर जिला के बसहिया पंचायत के वार्ड नंबर 16 की सबिता सिंह, मथुरापुर पंचायत के वार्ड नंबर-16 के अजय कुमार सिंह, रोहतास के नासरीगंज नगर पंचायत की निर्मला देवी, महेश प्रसाद गुप्ता, कटिहार जिले की जीविका दीदी, मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर पंचायत के फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्र की लाभार्थी चंदा देवी, भागलपुर के सबौर के आर्सेनिक प्रभावित लखन लाल मंडल एवं ललिता देवी ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। सभी लोगों ने कहा कि पीने के लिए शुद्ध पेयजल मिल रहा है। खाना बनाने में भी सुविधा हो रही है। आर्सेनिक, फ्लोराइड और आयरन प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने शुद्ध पेयजल की उपलब्धता होने पर कहा कि इससे सेहत पर अच्छा प्रभाव पड़ रहा है।
कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री विनोद नारायण झा, नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा, पंचायती राज मंत्री कपिल देव कामत, अपर मुख्य सचिव पंचायती राज एवं पथ निर्माण अमृत लाल मीणा, सचिव-नगर विकास एवं आवास विभाग आनंद किशोर, सचिव-लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग जितेंद्र श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया।

