कोरोना काल में अतिथि शिक्षकों के मानदेय का शीघ्र करें भुगतान : नीतेश
भागलपुर। अतिथि सहायक प्राध्यापकों को उनकी नियुक्ति के समय से 9 माह बीत जाने के बाद भी उन्हें उनका वेतन नहीं दिए जाने को लेकर कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी सह राजद नेता डॉ. नीतेश कुमार यादव ने कड़ी निंदा करते हुए अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ की मांगों का समर्थन किया है।
नीतेश ने विश्वविद्यालय प्रशासन की असंवेदनशील उदासीनता पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार बेरोजगार दैनिक मजदूर और वेतन भोगियों को वेतन के नाम पर इस कोरोना काल में छलने का काम कर उन्हें काल के गाल में समा जाने को विवश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी निर्देश की प्रतीक्षा में विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा अतिथि सहायक प्राध्यापकों को उनके हक-हकूक से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में बार-बार विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने के बाद भी अतिथि सहायक प्राध्यापकों को आश्वासनों के बलबूते केवल छलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि कई वर्ष पूर्व शिक्षकों की नियुक्ति हेतु सरकारी आदेश के साथ-साथ चार करोड़ की राशि आई हुई थी। बावजूद इसके इन सहायक प्राध्यापकों को उनका बकाया वेतन नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि मानवीय दृष्टिकोण से यदि विश्वविद्यालय प्रशासन चाहते, तो वे अपने आंतरिक स्रोत से भी इन अतिथि शिक्षकों को आंशिक मानदेय देकर तत्काल उनके जान माल की सुरक्षा कर सकते थे। उन्होंने इस महामारी काल में विश्वविद्यालय प्रशासन को अपनी मानवीयता दिखाते हुए संवेदनशील होकर सहानुभूति पूर्वक विचार कर किसी भी हालत में इन अतिथि शिक्षकों को उनके मानदेय का भुगतान करने का अल्टीमेटम दिया। अंत में उन्होंने कहा कि वे अतिथि शिक्षकों के हर मांगों का समर्थन करते हुए उनके आंदोलन में शामिल होने हेतु वचनबद्ध हैं।


