कोटा मामले ने लिया सियासी रंग : भाजपा को होने लगी वोट बैंक की चिंता, कहा छात्रों को वापस बुलाएं सीएम नीतीश
पटना। देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से बिहार से बाहर फंसे छात्रों के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जहां कोटा में बिहार वापसी के लिए छात्रों ने प्रदर्शन किया तो वहां उनपर एफआइआर दर्ज की गई, वहीं यहां भाजपा के विधान पार्षद संजय पासवान ने बिहार के मुख्यमंत्री को राजनीति का ज्ञान देते हुए कहा है कि ये आपका फर्ज बनता है कि वहां और पुणे में फंसे बच्चों के वापस बिहार बुला लें। इसके पहले भाजपा सांसद राकृपाल यादव ने भी वीडियो जारी कर नीतीश सरकार से मांग करते हुए कहा कि कोटा में फंसे बिहार के छात्र-छात्राओं को वापस लाने के लिए विधि सम्मत निर्णय लें, क्योंकि उन बच्चों के परिजन खासा परेशान हैं। उन्हें अपने बच्चों की चिंता सताने लगी है।
विधान पार्षद संजय पासवान ने कहा कि माना कि बिहार से बाहर फंसे बच्चों की संख्या सिर्फ 1000 है लेकिन इससे एक लाख परिवार प्रभावित हुए हैं, ऐसे में इन बच्चों के लिए सहानुभूति होनी चाहिए। पासवान ने नसीहत देते हुए कहा कि यदि एक लाख की संख्या वाले इन परिवारों में पांच लोग भी हैं तो हमारा वोट पांच लाख का होता है तो ऐसे में हमारा पांच लाख वोट तो चुनाव के दौरान प्रभावित होगा। विधान पार्षद ने आगे कहा कि ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ड्यूटी बनती है कि वो बच्चों को वापस लाएं। ऐसा नहीं करने से हमारा बहुत बड़ा राजनीतिक घाटा होगा। तीन मई से उन्हें हर हाल में बच्चों के वापस लाना होगा। इसी साल चुनाव होने वाले हैं और मध्य वर्ग का वोट हमारे लिए अहम है। उन्होंने कहा कि हर मध्यमवर्गीय परिवार का एक बच्चा कोटा में जरूर पढ़ता है। इसीलिए इस विषय पर गंभीरता से सोचना होगा।


