January 17, 2026

किसान सभा की बैठक में देश की वर्त्तमान परिस्थितियों और बजट पर विस्तार से चर्चा

पटना। बिहार राज्य किसान सभा की बैठक जमाल रोड में कॉ. ललन चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। सर्वप्रथम महासचिव विनोद कुमार ने राज्य का प्रतिवेदन पेश किया। सभा के संयुक्त सचिव कॉ. नंदकिशोर शुक्ला ने देश की वर्त्तमान परिस्थितियों और बजट पर विस्तार से चर्चा किया। श्री शुक्ला ने कहा कि मनरेगा में बजट में 9.5 हजार करोड़ रुपये की कटौती की गई है। मेडिकल कॉलेज के नाम पर प्रत्येक जिले में प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशीप के आधार पर किसानों की जमीने लेने की योजना बनाई गई है। बीमा, बैंक के पैसे सरकार ने लेने की योजना बना ली है। रेल में निजीकरण जारी है। 150 तेजस ट्रेन देश में चलाने का निर्णय साफ तौर पर रेल के निजीकरण को स्पष्ट कर रहा है। सरकार 21 हजार करोड़ रुपये किसानों से बीमा में लेती है और 7.5 हजार करोड़ रुपये ही किसानों को बीमा के नाम पर देती है। बाकी पैसे निजी बीमा कंपनियों के मुनाफे में जाता है। वहीं धान का सरकारी दर 1815 रुपये प्रति क्विंटल दे रही है। जबकि बिहार सरकार ने बिहार में धान का लागत खर्च 1605 रुपये बताया है। इसके हिसाब से भी डेढ़ गुणा दाम नहीं हुआ। बिहार में कहीं भी क्रय केन्द्र सरकार द्वारा नहीं खोले गये हैं। आज किसानों को खरीदने की ताकत कम हुआ है। आर्थिक मंदी के चलते बाजार में काम घटा है। इसलिये इसका जबर्दस्त विरोध होना चाहिए। इसके लिये किसानों के बीच गांवों में जाना होगा। बैठक में बिहार राज्य उपाध्यक्ष कॉ. अवधेश कुमार, पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह, संयुक्त सचिव प्रभुराज नारायण राव, अरुण कुमार, श्याम भारती, रामजतन सिंह, दिनेश सिंह, मनोज यादव आदि ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये।

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