कानून का राज हमारा लक्ष्य, याद करिए 2005 से पहले कितने होते थे नरसंहार : CM नीतीश
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म पर कोई समझौता नहीं हो सकता। 2005 में सरकार में आने के पहले दिन से यह हमारा सिद्धांत रहा है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लालू-राबड़ी शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि 2005 से पहले बिहार में कितने नरसंहार होते थे। कितना भ्रष्टाचार होता था, दंगे होते थे। 2005 से पहले कोई शाम के बाद घर से बाहर निकलने की हिम्मत करता था क्या? आज कोई भी, किसी भी वक्त घर से निकल सकता है। वह पुराना दौर बिहार के लोगों के जेहन में आज भी जिंदा है। उक्त बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को पुलिस भवनों के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में कहा।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा 124 पुलिस भवन का उद्घाटन किया। इन भवनों को बनाने में 400 करोड़ रुपए खर्च हुए। इसके साथ ही उन्होंने 96 पुलिस भवन का शिलान्यास किया, जिन्हें बनाने में 255 करोड़ रुपए की लागत आएगी। सीएम नीतीश ने पुलिस भवन निर्माण निगम के अधिकारियों से कहा कि मुझसे शिलान्यास करा रहे हैं तो इसका ध्यान रखिएगा कि भवन समय पर बन जाए।
इस दौरान सीएम नीतीश ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि आज कुछ लोग तरह-तरह की बात करते रहते हैं। सोशल मीडिया पर कैसी-कैसी खबर चलाते हैं। ट्विटर पर कुछ भी बोलते रहते हैं। जिसको यह सब करना है, करते रहे। मुझे इससे मतलब नहीं है। हम तो बस काम करने में लगे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का राज हमारा लक्ष्य रहा है। लोगों के मन में आत्मविश्वास पैदा करने में पुलिस की बहुत बड़ी भूमिका है। 14 साल हो गए काम करते हुए आज तक कभी न किसी को फंसाने के लिए कहा और न किसी को बचाने के लिए कहा। यह पुलिस का अधिकार है कि पूरी तरह जांच करे। कोई पुलिस अधिकारी सही से जांच नहीं कर रहा है तो वरीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि इस पर ध्यान रखें।


