कांग्रेस ने चल दिया है बड़ा दांव, बिहार विधानसभा चुनाव में मिलेगा संजीवनी!
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही महागठबंधन में एक बार फिर मुख्यमंत्री चेहरा को लेकर सियासत तेज होती दिख रही है। भाजपा ने तो पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में विधानसभा चुनाव सीएम नीतीश कुमार के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा। वहीं एनडीए का अंग लोजपा भी इस पर अपनी सहमती प्रदान कर चुकी है। जबकि महागठबंधन में जहां राजद ने स्पष्ट किया है कि तेजस्वी यादव ही महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा हैं, लेकिन एक को छोड़ कोई अन्य घटक दल इसे स्वीकर नहीं कर रहे हैंं। महागठबंधन में यह सब तो चल ही रहा था कि अचानक मुख्यमंत्री चेहरा के इस घमासान में कांग्रेस भी कूद गई। उसने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार का नाम उछालकर नया दांव चल दिया है और अधिक सीटों की मांग कर दी है। बहरहाल, अचानक बिहार की राजनीति में मीरा कुमार को प्रकट करके कांग्रेस ने बड़ा गेम खेला है। इससे कांग्रेस को बिहार में अपना जनाधार बढ़ाने में मदद मिलेगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार अगर पार्टी मीरा कुमार के फेस पर चुनाव लड़ती है तो निश्चित रूप से उसे विधानसभा चुनाव में फायदा मिलेगा। क्योंकि तेजस्वी यादव को लेकर बिहार की जनता में अब भी कई तरह के प्रश्न उमड़-घुमड़ रहे हैं, जबकि मीरा कुमार एक सुलझी हुई राजनीतिज्ञ के तौर पर जानी जाती है और वे अनुसूचित जाति से आती है। इससे कांग्रेस को विभिन्न जातियों पर अपना पकड़ बनाने में मजबूती मिलेगी।
बता दें कांग्रेस के तीन-तीन बड़े नेताओं ने तेजस्वी यादव की दावेदारी पर सवाल उठाया है। उनमें एक प्रेमचंद मिश्र ने कहा कि कांग्रेस में चेहरों की कमी नहीं है। उन्होंने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को बिहार का बड़ा चेहरा बताया। प्रेमचंद्र ने कहा है कि कांग्रेस बिहार सहित देश के कई राज्यों में सत्ता में रही है और वह हर जिम्मेदारी उठाने को तैयार है। वहीं कांग्रेस के शकील अहमद खान ने कहा कि जहां तक मुख्यमंत्री के चेहरे की बात है, इसका फैसला आलाकमान को करना है, लेकिन कांग्रेस में चुनाव लड़ने का दमखम है। जबकि पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने भी यह कह दिया कि कांग्रेस अकेली ऐसी पार्टी है, जो अपने दम पर चुनाव लड़ सकती है। प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि इस बार उनकी पार्टी गत विधानसभा चुनाव से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ेगी। गत चुनाव में महागठबंधन में कांग्रेस को 43 सीटें मिली थीं। कांग्रेस बीते लोकसभा चुनाव में राजद के समाने फजीहत झेल चुकी है। तब 11 सीटों पर डील हो जाने के बाद भी उसे नौ से ही संतोष करना पड़ा था। इस कारण वह इस बार पहले से ही दबाव बना रही है।
राजद का दावा, हमारा सर्वाधिक जनाधार
उधर, राजद ने कांग्रेस के दावे को खारिज करते हुए खुद को सबसे बड़ी पार्टी बताया है। पार्टी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के अनुसार बिहार में उनकी पार्टी का जनाधार सर्वाधिक है। कांग्रेस की अधिक सीटों की मांग पर उन्होंने यहां तक कह दिया कि सीट सत्यनारायण भगवान का प्रसाद नहीं जो कितना भी दिया जाए। राजद के सुबोध राय ने कहा कि बिहार कांग्रेस के नेताओं के बयान मायने नहीं रखते।
खैर महागठबंधन किसके चेहरे पर चुनाव लड़ेगी, अभी ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन कांग्रेस मीरा कुमार के चेहरे पर चुनाव लड़ती है तो उसे इसका फायदा मिलने की पूरी संभावना है।


