कन्हैया बोले-बिहार के विकास और संविधान बचाने के मुद्दे पर सब मिलकर लड़े, बेहतर होगा
पटना। एनआरसी, एनपीआर, सीएए विरोधी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शनिवार को राजधानी पटना में जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री के दिल्ली में लिट्टी-चोखा खाने पर तंज कसा और कहा कि वह बिहार को धोखा देंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान कन्हैया कुमार कहा कि जन गण मन यात्रा राजनीतिक यात्रा नहीं थी। हम देशभर में कहीं भी कट्टरपंथियों के समर्थन में नहीं है। देश हमारा है। हम सिर्फ इस काले कानून के विरोध में यात्रा की है, जिसके आक्रोश में देशभर में प्रदर्शन हो रहे हंै। उन्होंने कहा कि यात्रा के बाद 27 को गांधी मैदान में ऐतिहासिक महारैली होगी। इसमें पांच लाख से अधिक लोग शामिल होंगे। कन्हैया कुमार से जब पत्रकारों ने पूछा कि आपको प्रशांत किशोर की तरफ से मिलने का निमंत्रण आया है, तो उन्होंने कहा कि मुझे कुर्सी नहीं देश से प्यार है। एनडीए को छोड़ कर सभी पार्टियों के साथ हैं। लेकिन, प्रशांत किशोर ने हमें मिलने का कोई आमंत्रण नहीं दिया है। अगर बिहार के विकास और संविधान बचाने के मुद्दे पर सब मिलकर लड़े, तो बहुत बेहतर होगा। मौके पर कांग्रेस नेता शकील अहमद, निवेदिता झा भी मौजूद थे। कन्हैया ने बताया कि 26 फरवरी तक पटना जिला में कार्यक्रम करेंगे। यात्रा में नौ जिलों में हम पर हमला हुआ। लेकिन, बाकी जिलों में शांतिपूर्वक रहा। रोजगार नहीं है और गांव में युवा नहीं है। यात्रा के दौरान मालूम हुआ कि सभी युवा कहीं ना कहीं रोजगार के लिए गये हैं। कन्हैया ने इस दौरान प्रधानमंत्री के दिल्ली में लिट्टी-चोखा खाने पर तंज कसते हुए कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि वह बिहार को धोखा देंगे। देश के लोगों को रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा चाहिए। एनआरसी, सीएए और एनपीआर के विरोध में बिहार सरकार है, तो उन्हें विधानसभा के सत्र में इसे पारित करना चाहिए, ताकि जनता को भी भरोसा हो सके।
वहीं प्रेस वार्ता के दौरान उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक महिला ने कन्हैया कुमार से सवाल पूछना चाहा, तो उसे चुप करा दिया गया कि प्रेस वार्ता है। इसको लेकर महिला हंगामा करने लगी। काफी समझाने के बाद भी वह बोलती रही। बाद में मोर्चा के सदस्य महिला को साइड में ले गये और उसे चुप कराया।


