January 1, 2026

एक नजर में आम बजट 2020: अब बैंक जमा पर पांच लाख रुपये तक की गारंटी, टैक्स स्लैब चार भागों में बंटा, जीएसटी की नई व्यवस्था

CENTRAL DESK : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दूसरे बजट को शनिवार को लोकसभा में पेश कर दिया है। वित्त मंत्री सदन में पीले रंग की साड़ी में पहुंची थी। उन्होंने कहा कि यह बजट आम आदमी की आय सुनिश्चित करने और उनकी क्रय शक्ति को बढ़ाने के प्रति संकल्पित है।

बैंक जमा पर पांच लाख रुपये तक की गारंटी
केंद्रीय वित्त मंत्री ने बताया कि अब बैंक जमा पर ग्राहकों को पांच लाख रुपये तक की गारंटी मिलेगी यानी बैंक के डूब जाने के बाद भी आपके पांच लाख रुपये बिल्कुल सुरक्षित रहेंगे। दूसरे शब्दों में यूं समझें कि बैंकों में पैसा जमा कराने वाले ग्राहकों के लिए इंश्योरेंस कवर जो पहले एक लाख रुपये था उसे बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है। यानी बैंक अगर डूब भी जाता है तो ग्राहक का पूरा पैसा नहीं मारा जाएगा। उसकी पांच लाख रुपये तक की रकम उसे वापस की जाएगी।

टैक्स स्लैब में बड़ा सुधार
अब टैक्स स्लैब चार भागों में बांटा गया है। पहले स्लैब में ढाई लाख की आमदनी वालों को टैक्स से छूट दी गई है। दूसरे स्लैब में ढाई लाख से पांच लाख तक पर पांच फीसद की दर से टैक्स लगेगा। तीसरे स्लैब में पांच लाख से साढ़े सात लाख तक की आमदनी पर 10 फीसद कर देना होगा जो पहले 20 फीसद था। इसी में साढ़े सात लाख से 10 लाख तक की आमदनी पर 15 फीसद की दर से कर देय होगा, जो पहले 20 फीसद था। चौथे स्लैब में 10 लाख से साढ़े 12 लाख तक की आमदनी पर 20 फीसद की दर से टैक्स लगेगा, जो पहले 30 फीसद था। इसी में साढ़े 12 लाख से 15 लाख तक आमदनी पर 25 फीसद की दर से कर लगेगा जो पहले 30 फीसद था। इसी स्लैब में 15 लाख रुपये से ऊपर की आमदनी पर पहले की तरह ही 30 फीसद की दर से टैक्स देना होगा।

देशभर में लगेंगे प्रीपेड मीटर
ऊर्जा क्षेत्र के लिए 22 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया है। उन्होंने बताया कि देशभर में बिजली के पुरानें मीटरों को भी बदलने की बात की। उन्होंने कहा कि आने वाले वक्त में देशभर में प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। इन स्मार्ट मीटरों में रेट चुनने और बिजली कंपनी को चुनने का विकल्प होगा। सीतारमण ने कहा कि मैं सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से अगले तीन वर्षों में पुराने मीटरों को बदलकर प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को लगवाने की गुजारिश कर रही हूं। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम सबको बिजली देने की दिशा में लिया गया एक बड़ा फैसला है। यही नहीं 22 हजार करोड़ रुपये पावर और अक्षय ऊर्जा के लिए प्रस्तावित किए जा रहे हैं।

किसानों की दोगुनी आय का लक्ष्य
सरकार का साल 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य है। सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए 16 अहम फैसले लिए हैं। सरकार ने इन 16 योजनाओं के लिए 2.83 लाख करोड़ रुपये आवंटित करने का फैसला लिया है। इसमें कृषि और सिंचाई के लिए 1.2 लाख करोड़ रुपये की रकम दी जानी है। सरकार पीएम कुसुम योजना के तहत 20 लाख किसानों को सोलर पंप लगाने में आर्थिक मदद देगी। जल संकट से प्रभावित 100 जिलों के लिए विस्तृत योजना लाई जाएगी और 15 लाख किसानों को ग्रिड कनेक्टेड पंपसेट से जोड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को 15 लाख करोड़ रुपए का कर्ज देने का लक्ष्य रखा गया है। यहीं नहीं सरकार ने मिल्क प्रोसेंसिंग क्षमता को 08 मिलियन टन जबकि फिश उत्पादन का लक्ष्य 208 मिलियन टन रखा है।

रेलवे के लिए ऐलान
सरकार 27 हजार किलोमीटर रेलवे ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन करेगी। 150 ट्रेनें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए शुरू की जाएंगी। उन्होंने बताया कि सरकार की योजना तेजस जैसी और ट्रेनों के माध्यम से प्रसिद्ध स्थलों को जोड़ने की है। यही नहीं चार स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। इन योजनाओं पर 18,600 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रेल पटरियों के किनारे सोलर पॉवर ग्रिड बनेंगे। 148 किलोमीटर में बेंगलुरू ऊपनगरीय ट्रेन सिस्टम बनेगा जिसमें केंद्र सरकार 25 फीसद आर्थिक मदद देगी।

50 उच्च शिक्षण संस्थान शुरू होंगे
सीतारमण ने कहा कि जल्द नई शिक्षा नीति की घोषणा की जाएगी। मार्च 2021 तक 150 उच्च शिक्षण संस्थान शुरू हो जाएंगे जिनमें स्किल्ड प्रशिक्षण दिया जाएगा। क्वालिटी एजुकेशन के लिए डिग्री वाली आॅनलाइन योजनाएं शुरू की जाएंगी। यही नहीं उन्होंने नेशनल पुलिस यूनिवर्सिटी और नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के प्रस्ताव के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए हर जिला अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेज बनेगा। बजट में शिक्षा के लिए 99300 करोड़ जबकि स्किल डेवलपमेंट के लिए 3000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

स्वास्थ्य सेक्टर के लिए बड़े ऐलान
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 69 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें पीएम जन आरोग्य योजना के लिए 6400 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। मिशन इंद्रधनुष का दायरा बढ़ाकर इनमें 12 बीमारियों को शामिल किया गया है। इसमें पांच वैक्सीन भी जोड़ी गई हैं। आयुष्मान भारत के लाभार्थियों के लिए टियर-2 और टियर-3 शहरों में पीपीपी मोड पर अस्पताल बनाए जाएंगे। पहले चरण में 112 जिलों से इसकी शुरूआत होगी। मेडिकल उपकरणों पर जो कर लगाया जाता है उसी रकम से इन अस्पतालों का निर्माण कराया जाएगा। वित्त वर्ष 2020-21 में स्वच्छ भारत मिशन के लिए 12,300 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। सरकार ने साल 2025 तक टीवी की बीमारी को पूरी तरह से खत्म करने का लक्ष्य रखा है। जल जीवन मिशन के लिए 3.6 लाख करोड़ रुपयों का आवंटन किया गया है।

जीएसटी की नई व्यवस्था पहली अप्रैल से
एक अप्रैल 2020 से जीएसटी की नयी सरलीकृत रिटर्न व्यवस्था लागू होगी। केंद्रीय वित्त मंत्री ने बताया कि चेक पोस्ट हटने से इंस्पेक्टर राज खत्म हुआ है और 20 फीसद लागत कम हुई है। अब लोग अपने परिवार के मासिक खर्च का चार फीसद हिस्सा जीएसटी की वजह से बचा रहे हैं। जीएसटी काउंसिल लोगों की दिक्कतों को सुलझाने का काम रहा है। हमने 60 लाख नए करदाता जोड़े हैं जिससे 40 करोड़ रिटर्न फाइल हुए हैं।

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