January 26, 2026

उपभोक्ता संरक्षण की हितों को हमें देनी होगी प्राथमिकता: डॉ. प्रेम

फुलवारी शरीफ। बिहार सरकार के कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने गुरूवार को बामेती, पटना के सभागार में कृषि विभाग के माप-तौल संभाग द्वारा आयोजित एक कर्मशाला-संगोष्ठी का उद्घाटन किया। उक्त कार्यक्रम में बिहार राज्य के कुल 42 राज्यस्तरीय व्यावसायिक सगठनों के प्रतिनिधि एवं माप-तौल के पदाधिकारी, निरीक्षक तथा कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मंत्री श्री कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा बिहार को देश भर में माप-तौल संबंधी प्रवर्तन कार्यों में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार कार्य किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के द्वारा स्पष्ट रूप से यह कहा गया है कि उपभोक्ता संरक्षण की हितों को हमें प्राथमिकता देनी है। माप-तौल (विधिक माप विज्ञान) भारत सरकार के समवर्ती सूची में शामिल है। राज्यस्तरीय व्यवसायिक संगठनों के माध्यम से राज्य के उपभोक्ताओं की हितों के संरक्षण, व्यापार करने में सुगमता, वैश्विक बाजार को एकरूपता और मानक के अनुरूप बनाने और बाजार को पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि रोड मैप, वर्ष 2017-22 में माप-तौल को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से माप-तौल संबंधी कई योजनाओं को शामिल किया गया है। इस कर्मशाला-संगोष्ठी में सभी प्रतिभागी व्यावसायिक सगठनों के प्रतिनिधि एवं माप-तौल के पदाधिकारी, निरीक्षक तथा कर्मचारियों को माप-तौल से जुड़े सभी नियम, अधिनियम व नियमावली की जानकारी विस्तृत रूप से दी गई।
वहीं कृषि विभाग के सचिव डॉ. एन सरवण कुमार ने कहा कि माप-तौल के सभी क्रियाकलापों में पारदर्शिता लाने के लिए आॅनलाईन किया जाये। सभी स्तरों पर प्रशिक्षण की व्यवस्था किया जाये ताकि माप-तौल को निरीक्षकों को विधिक जानकारी से अपडेट रखा जा सके। इस कार्यक्रम में कृषि निदेशक आदेश तितरमारे ने भी अपना विचार रखा। कार्यक्रम में विधिक माप विज्ञान के नियंत्रक आदित्य नारायण राय, उप कृषि निदेशक-सह-उप नियंत्रक, मुख्यालय जय प्रकाश नारायण, संयुक्त नियंत्रक अनिल कुमार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं निरीक्षक तथा राज्यस्तरीय व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधिगण शामिल हुए।

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