इसलिए प्राचार्या ने शरीर पर मिट्टी तेल उड़ेल आत्महत्या का किया प्रयास
मसौढी। बिहार के मसौढी प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, खरौना की प्राचार्या ने बुधवार को विद्यालय के रसोईघर में अपने शरीर पर मिट्टी का तेल उड़ेल आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि बाद में विद्यालय के शिक्षकों व ग्रामीण महिलाओं ने उन्हें आत्महत्या करने से रोका। बाद में एसडीओ के आदेश पर बीईओ व थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्राचार्या को अनुमंडल कार्यालय लाया गया। घटना का कारण विद्यालय की शिक्षा समिति की बैठक में हड़ताली नियोजित शिक्षकों को अवैध रूप से विद्यालय में योगदान कराने के लिए अपने उपर डाला जा रहा दबाव बताया जाता है।
मिली जानकारी के मुताबिक प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, खरौना में बुधवार को विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक चल रही थी। प्राचार्या उमा रानी का आरोप है कि पूर्व में मना करने के बावजूद इस दौरान उनपर बीते दिनों से बिना उन्हें कोई सूचना दिए हड़ताल पर गए तीनों नियोजित शिक्षकों को अवैध रूप से विद्यालय में योगदान दिलाने के लिए दबाव डाला जा रहा था। इसे लेकर उनके बीच नोंकझोंक भी हुई और इससे वे इतनी आहत हो गई कि बैठक से उठकर रसोईघर में चली गई और आत्महत्या करने की नीयत से अपने शरीर पर मिट्टी का तेल उड़ेल ली। हालांकि वहां मौजूद शिक्षकों व ग्रामीण महिलाओं ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। इधर सूचना पाकर एसडीओ संजय कुमार ने बीईओ व थाना पुलिस को वहां भेज प्राचार्या को कार्यालय बुलाया व बाद में उन्हें समझा बुझाकर घर भेज दिया। इस बाबत एसडीओ ने बताया कि घटना की जांच कर इस संबंध में बीईओ से रिपोर्ट मांगी गई है।
प्राचार्या के स्थानांतरण करने की मांग की
विद्यालय शिक्षा समिति की अध्यक्ष सह वार्ड सदस्य सुनैना देवी समेत अन्य ग्रामीणों ने प्राचार्या पर मनमानी करने व शिकायत करने पर अक्सर अपने नस को काटकर प्राथमिकी दर्ज कराने की धमकी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने बीईओ से उन्हें इस विद्यालय से स्थानांतरित करने की मांग की है।


