आधी आबादी की दबंगई: पुलिस बल को कमरे कैद कर मचाया हंगामा, एसडीपीओ बोले-होगी कार्रवाई
खगड़िया। बिहार के खगड़िया जिले में आधी आबादी की दबंगई सामने आयी है। महिलाओं ने मारपीट के एक आरोपी को गिरफ्तार करने गयी चौथम थाना पुलिस को कमरे में बंद करके गेट में ताला जड़ दिया और फिर जमकर हंगामा किया। महिलाओं ने करीब एक घंटे तक थानाध्यक्ष सहित आधा दर्जन पुलिसवालों को बंधक बनाकर रखा। यह पूरा वाक्या खगड़िया जिले के चौथम थाना अंतर्गत पीपरा गांव की हुई है। वहीं एसडीपीओ ने कहा कि दोषियों पर निश्चित रूप से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मिली जानकारी के अनुसार चौथम थाना क्षेत्र के पिपरा गांव में मंगलवार की देर शाम पुलिस छापामारी करने गई थी तो महिलाओं ने पूरे पुलिस बल को बंधक बना लिया। इस दौरान एक घंटे तक एक घर के अंदर चौथम थानाध्यक्ष नीलेश कुमार सहित आधा दर्जन पुलिस बल को बंद रखा। सूचना पर महेशखूंट थानाध्यक्ष नीरज कुमार ठाकुर पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचकर दरवाजा का ताला तोड़कर बंधक बनी पुलिस को मुक्त कराया। इस दौरान पुलिस और महिलाओं के बीच जमकर नोंक-झोंक हुई। पुलिस की पिटाई से एक महिला के बेहोश होने की सूचना भी है। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूचना पर सदर एसडीपीओ आलोक रंजन सहित चौथम बीडीओ राजकुमार पंडित, मानसी थानाध्यक्ष गुंजन कुमार आदि पिपरा पहुंचे और मामले की छानबीन की।
घटना के संबंध में बताया जाता है कि पिपरा एवं जमुआ गांव के कुछेक बच्चों के बीच महाशिवरात्रि के दिन झगड़ा हो गया था। उस दौरान ठिठर सिंह के पुत्र सत्या कुमार की जमुआ के कुछ लड़कों ने पिटाई कर दी थी। घटना के प्रतिशोध में मंगलवार की शाम को पिपरा के सत्यम उर्फ सत्या ने कुछ लड़कों के साथ जमुआ के लड़कों की पिटाई कर दी। मामला चौथम थाना पहुंचा। जमुआ पक्ष के लोगों ने थाना में आवेदन देकर केस दर्ज कराया। चौथम थानाध्यक्ष नीलेश कुमार पुलिस बल के साथ मामले की जांच करने के लिए ठिठर सिंह के घर पहुंचे, जिसका विरोध घर की महिलाओं ने किया। महिलाओं का कहना था कि पुलिस बिना सूचना के घर में घुस गई। घर में कोई पुरूष नहीं था। महिलाओं का यह भी आरोप था कि थानाध्यक्ष बिना महिला पुलिस बल के घर पहुंचे। महिलाओं के साथ अमर्यादित व्यवहार किया, जिससे आक्रोशित होकर उनलोगों ने घर के गेट में ताला लगा दिया। महिलाओं की मांग थी कि जब तक वरीय पुलिस पदाधिकारी नहीं पहुंचेंगे, तब तक बंधक बने पुलिस को मुक्त नहीं किया जाएगा। थानाध्यक्ष में बताया कि बीते दिनों हुई मारपीट की घटना के प्रतिशोध में एक पक्ष द्वारा पिपरा में मारपीट की जा रही थी, जिसे पुलिस ने बचाया था। जैसे ही मामले की जानकारी के लिए सत्यम के घर पहुंचे तो महिलाओं ने ताला बंद कर दिया।
वहीं इस बाबत एसडीपीओ आलोक रंजन ने कहा कि पुलिस को बंदी बना लिए जाने की सूचना मिलने के बाद घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली जा रही है। दोषियों पर निश्चित रूप से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


