February 15, 2026

अर्जित ने कहा- भ्रष्टाचार और अत्याचार के विरुद्ध राजनीतिक लड़ाई के प्रतीक हैं जेपी नारायण

पटना। भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता और भागलपुर विधानसभा के प्रत्याशी अर्जित शाश्वत चौबे ने आज चरखा समिति पहुंचकर जयप्रकाश नारायण के पुण्य तिथि के अवसर पर उनको श्रद्धासुमन अर्पित कर याद किया। अर्जित ने अपने युवा साथियों के साथ जयप्रकाश नारायण के आवास पर बैठकर उनके बारे में तथा आज की राजनीतिक स्थिति पर चिंतन मनन किया।
अर्जित चौबे ने कहा कि स्वतंत्र भारत में जेपी भ्रष्टाचार और अत्याचार के विरुद्ध राजनीतिक लड़ाई के प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम में अपनी पूरी जिंदगी देने वाले जयप्रकाश नारायण ने जब स्वतंत्र भारत में कांग्रेस सरकार द्वारा भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने, लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म कर देने की कोशिश होने लगी और आपातकाल लगाया गया तो इसके विरुद्ध खड़े हो गए। सारे विपक्ष को एकजुट कर उन्होंने छात्र आंदोलन से शुरू हुआ हुए लड़ाई को राजनीतिक आंदोलन में बदलकर कांग्रेस पार्टी को सत्ता से उखाड़ फेंका, जिसकी सत्ता केंद्र के साथ पूरे भारत में अधिकतर राज्यों में मजबूती से कायम थी। उन्होंने साबित किया कि अगर उद्देश्य महान और भावना देश की सेवा करने की हो तो जनता को साथ लेकर किसी भी आततायी शक्ति को सत्ता से अलग किया जा सकता है।
आज के बिहार के राजनीतिक माहौल में जयप्रकाश नारायण के जीवन दर्शन की प्रासंगिकता और भी ज्यादा है। बिहार के युवाओं को यह सोचना चाहिए कि जेपी के साथ खड़े रहने वाले लोगों में कुछ लोगों ने उनके साथ ऐसा भयानक धोखा किया है। जिस कांग्रेस पार्टी के अत्याचार और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जेपी ने इतना बड़ा आंदोलन चलाया था, आज वहीं लालू प्रसाद की पार्टी राजद-कांग्रेस के गोद में खेल रही है। जेपी के अनुयाई और भ्रष्टाचार व अत्याचार के विरुद्ध मानसिकता रखने वाले लोग इसको कभी नहीं माफ करेंगे। इस विधानसभा चुनाव में भी जनता राजद और कांग्रेस के महा गठबंधन के उम्मीदवारों को इसकी सजा अवश्य देगी।

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