January 26, 2026

अब बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से होगा परिवहन विभाग के पदाधिकारियों का चयन

जून में 96 हजार और 15 जुलाई तक 56 हजार नये वाहनों की हुई खरीददारी


पटना। वीडियो कॉंन्फ्रेसिंग के द्वारा मीडिया के साथ बातचीत में परिवहन विभाग के सचिव संजय अग्रवाल ने बताया कि बीते शनिवार को मंत्रिपरिषद द्वारा परिवहन सेवा के कैडर की फाइनल स्वीकृति देते हुये अतिरिक्त पदों की स्वीकृति दी गयी है। इसके बाद अब बिहार परिवहन सेवा का गठन फाइनल हो गया है। बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से परिवहन विभाग के पदाधिकारियों का अब चयन होगा, भविष्य में उनकी पदस्थापना होगी और एक प्रमोशनल एवेन्यूज भी खुलेंगे। इसके लिए विस्तृत नियमावली बन गई है और विस्तृत पदों का सृजन भी हो गया है। सड़क सुरक्षा को बढ़ाकर दुर्घटनाओं में कमी लायी जा सके और अन्य सुरक्षा संबंधी मामलों का निष्पादन किया जा सके, इसलिए इस कैडर का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत अब तक कुल 26 हजार 446 लाभुकों को रोजगार मुहैया कराया गया है। इसके लिए राज्य सरकार ने 264 करोड़ रुपए अनुदान के रूप में विभिन्न लाभुकों को दिए हैं। यह योजना बिहार की सभी पंचायतों में लागू है। इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 41,930 व्यक्तियों को लाभ दिया जाना है। इसमें अब तक 14,493 अनुसूचित जाति, 10,721 अत्यंत पिछड़ा एवं 1,232 अनुसूचित जनजाति के लाभुकों को वाहनों की खरीद के लिए यह अनुदान दिया गया है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में काफी कारगर साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि उक्त योजना के तहत अब तक सभी पांच चरणों में लक्ष्य के विरुद्ध जमुई जिले में सबसे अधिक 90.20 फीसदी लाभुकों को लाभ मिला है। यहां 153 पंचायतों में 765 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध 690 लाभुकों का चयन करते हुए मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना का लाभ दिया गया है। वहीं औरंगाबाद में 86%, कटिहार में 81%, भोजपुर में 80%, पूर्णिया में 79% और नालंदा में 78% लक्ष्य के विरुद्ध टारगेट पूरा किया गया है। शेष जिलों में भी प्रगति काफी अच्छी है। 25 प्रखंडों में 100% उपलब्धि हासिल हो चुकी है।
परिवहन सचिव श्री अग्रवाल ने बताया कि जनहित में यह निर्णय लिया गया है कि निबंधित व्यावसायिक पैसेंजर वाहन एवं मालवाहक वाहनों के वाहन स्वामी, जो 21 मार्च से 30 जून 2020 तक की अवधि की तिमाही का पथकर लॉकडाउन के कारण जमा नहीं कर पाये हैं, उनके लिए 31 जुलाई तक पथकर जमा करने पर कर अवधि के देय कर में 40 प्रतिशत की एकमुश्त छूट दी जाएगी। इसमें कोई अर्थदंड नहीं देना होगा। इससे बस व ट्रक सहित व्यावसायिक वाहनों के वाहन मालिकों को लाभ मिल सकेगा। अब तक 5200 वाहन मालिकों को इसका लाभ मिला है। लॉकडाउन के कारण फिटनेस से संबंधित वाहन के कागजात यदि अधूरे रह गये हैं तो राज्य सरकार ने इसके लिए 30 सितंबर तक छूट दे रखी है। वाहनों का रजिस्ट्रेशन यदि किसी कारण से फेल हो गया या वाहन मालिक टैक्स डिफाल्टर हो गये हैं तो उनके लिए राज्य सरकार ने 30 सितम्बर तक टैक्स माफी योजना लागू की है ताकि वाहन मालिक को इसका लाभ मिल सके। इस वर्ष लॉकडाउन के कारण अप्रैल और मई माह में वाहनों के रजिस्ट्रेशन में काफी गिरावट देखी गयी, लेकिन जून में इसमें काफी तेजी आयी है। जून में 96 हजार और 15 जुलाई तक 56 हजार नये वाहनों की खरीददारी हुई है।

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