BIHAR : अब परिवहन अधिकारी और कर्मचारी पेपर जांच के साथ पकड़ेंगे शराब
पटना। शराबबंदी के बाद भी बिहार में शराब की तस्करी लगातार जारी है। तमाम प्रयास के बावजूद जिला प्रशासन शराब की तस्करी लगाने में असफल हो रही है, जिसे रोकने के लिए सरकार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिया है। वहीं बीते दिनों शराब के सेवन न करने की डीजीपी से लेकर सिपाही तक ने शपथ ली है।
अब जो ताजा मामला सामने आया है वह हैरत वाली है। अब आप पुलिस प्रशासन के अलावा परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी गाड़ियों के कागजात के साथ ही शराब पकड़ते देखेंगे। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी जब गाड़ियों की जांच करेंगे, तो वह गाड़ी की डिक्की को भी खोल कर देखेंगे। वह पेपर के साथ पूरी गाड़ी को जांच करने के बाद ही गाड़ी को आगे वहां से जाने देंगे।
परिवहन विभाग ने सभी परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह शराब की तस्करी रोकने में भी अपना सहयोग दें। जांच अभियान या अन्य दिनों में जब छोटी-बड़ी किसी गाड़ी को जांच के लिए पकड़ा जाता है, तो पेपर के साथ शराब की भी जांच करें, ताकि शराब तस्करी पर राज्य में पूरी तरह से अंकुश लग सके। बॉर्डर पर शराब की तस्करी गाड़ियों से नहीं हो। इसको लेकर गाड़ियों की जांच सख्त करने को कहा है। बॉर्डर इलाके से जितनी सड़क बिहार में आती है। उन सभी इलाकों में अधिकारी पेट्रोलिंग बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। इसको लेकर सभी डीटीओ व एमवीआइ को टीम बनाने का निर्देश दिया गया है, ताकि जांच में कोताही नहीं हो। इस जांच अभियान में पुलिस या यातायात पुलिस का सहयोग लेने की जरूरत पड़े, तो उसके लिए जिला प्रशासन से सहयोग लें।
वहीं अधिकारियों को हाइवे यानी एनएच और एसएच पर भी सख्ती से जांच करने का दिशा-निर्देश दिया गया है। ट्रक, बस या किसी भी बड़ी गाड़ी की जब जांच करें, तो बस पेपर देख कर उस गाड़ी को नहीं छोड़ा जाये, जब तक जांच अधिकारी संतुष्ट न हो जाएं।


