अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के निकाला प्रतिवाद मार्च, केंद्रीय बजट की प्रतियां जलाई
पटना। वित्तमंत्री द्वारा संसद में पेश किया गया 2020-21का बजट किसानों, खेत मजदूरों, बटाईदारों और ग्रामीण गरीबों के साथ विश्वासघात का दस्तावेज है। बिहार राज्य किसान सभा के महासचिव विनोद कुमार ने कहा कि वित्तमंत्री ने यह दावा किया है कि सरकार 2022 तक किसानों के आय दोगुनी करने के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है लेकिन जो बजट उन्होंने पेश किया है। वह हाल के वर्षों का सबसे अधिक किसान विरोधी बजट है। अपने बजटीय भाषण की आड़ में वित्त मंत्री ने एक राजनीतिक भाषण दिया है। जिसमें बजटीय आवंटनों के बारे में कोई सूचना नहीं है। वहीं संयुक्त सचिव प्रभुराज नारायण राव ने कहा अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने इस घोर किसान विरोधी बजट के लिये केन्द्र की एनडीए सरकार की निंदा की है तथा किसान विरोधी बजट के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन बुद्ध स्मारक पार्क से डाक बंगला चौराहा तक निकाला गया तथा बजट की प्रतियां जलायी गयी। इस बजट विरोधी मार्च को किसान सभा के पटना जिला सचिव सोनालाल प्रसाद, बिहार राज्य दूध उत्पादक संघ के जिला सचिव शिव कुमार विद्यार्थी, कुशवाहा नंदन, जनवादी नौजवान सभा के अध्यक्ष मनोज कुमार चन्द्रवंशी, किसान महासभा के राज्य महासचिव उमेश सिंह, जिला सचिव कृपा नारायण सिंह, भगवान सिंह, किसान मजदूर नौजवान मोर्चा के अध्यक्ष कल्लू सिंह आदि ने संबोधित किया।


