चिराग पासवान ने संसद से लेकर केंद्र सरकार तक उठाई है बिहार के 66 लाख लोहारों की आवाज : लोजपा (रा)
- गर्दनीबाग धरना स्थल पर लोहार संगठनों के द्वारा बुलाए गए धरने को लोजपा (रा) के राष्ट्रीय महासचिव सत्यानंद शर्मा ने किया संबोधित, कहा
पटना। चिराग पासवान ने बिहार के 66 लाख लोहारों का सवाल न सिर्फ संसद में उठाया है बल्कि भारत सरकार के विधि मंत्री,समाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री और जनजाति मंत्री को पत्र लिखकर लोहार जाति को संविधान का सम्मान करते हुए,जनजाति की सूची में पूर्वत शामिल करने की मांग किया है।यह बात आज पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर लोहार जाति के अनेकों संगठनों द्वारा आयोजित विशाल धरना को सम्बोधित करते हुए लोजपा-(रा) के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सत्यानंद शर्मा ने कहा कि 1950 से संविधान के अनुसूची में हिन्दी में लोहार अंग्रेजी में (LOHARA) को जनजाति के श्रेणी में रखा गया है। संविधान से छेड़-छाड़ कोई नही कर सकता। कुछ अज्ञानी पदाधिकारियों ने 2006 में अंग्रेजी के (LOHARA) को लोहारा पढ़ा जो शरारत पूर्ण और साजिश पूर्ण है। ऐसे पदाधिकारियों को यह भी पता नही था कि लोहार जाति का ऐतिहासिक काल का लोहार डेनसिटी राष्ट्रीय संग्रहालय में लगा है,जिसमें अंग्रेजी का (LOHARA) का हिन्दी शब्द लोहार लिखा है। ऐसे गलत उच्चारण करने वाले पदाधिकारियों की सूची संसद से चिराग पासवान ने मांगा है साथ ही उनके शैक्षणिक प्रमाण-पत्र की जांच कराने की अवश्यकता बताई है। आगे डॉ. शर्मा ने कहा कि लोहार समाज को सड़कों पर निरंतर संघर्ष करने की जरूरत है। इसी से सफलता प्राप्त होगा। धरनार्थियों की अध्य्क्षता राज किशोर शर्मा संचालन राम सिहाशन शर्मा ने किया। धरनार्थियों की डॉ.रामराज शर्मा,लक्ष्मण शर्मा,राजेश कुमार शर्मा, राम प्रदारक शर्मा सहित अनेकों वक्ताओं ने सम्बोधित किया।


