शीतला माता मंदिर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, हादसे के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क

  • भीड़ प्रबंधन के लिए रैंप, बैरिकेडिंग और अलग निकासी द्वार की व्यवस्था लागू
  • सख्ती और डर का असर, अपेक्षा से कम पहुंचे श्रद्धालु, व्यवस्था रही नियंत्रित

बिहारशरीफ। नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित प्रसिद्ध मघड़ा शीतला माता मंदिर में हाल ही में हुए दुखद हादसे के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय और सतर्क नजर आ रहा है। मंगलवार को मंदिर परिसर में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने मंदिर परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की है। इसके साथ ही मजिस्ट्रेट की निगरानी में पूरे क्षेत्र की व्यवस्था को नियंत्रित किया जा रहा है। हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न न हो। मंदिर के बुनियादी ढांचे में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पहले जहां संकरी सीढ़ियों के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही में परेशानी होती थी, वहीं अब उनकी जगह एक चौड़ा रैंप बना दिया गया है। इससे आने-जाने का रास्ता सुगम हो गया है और भीड़ के दबाव को कम करने में मदद मिल रही है। प्रशासन का मानना है कि यह बदलाव भविष्य में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुरक्षित साबित होगा। भीड़ को नियंत्रित और व्यवस्थित रखने के लिए महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। इससे कतारों को सुव्यवस्थित बनाए रखने में सहायता मिल रही है और धक्का-मुक्की की स्थिति से बचाव हो रहा है। श्रद्धालु निर्धारित मार्ग से ही आगे बढ़ रहे हैं, जिससे परिसर में अनुशासन बना हुआ है। मंदिर के आंतरिक प्रबंधन में भी कई अहम सुधार लागू किए गए हैं। नए नियमों के तहत अब गर्भगृह के बाहर पूजा-अर्चना करने के बाद श्रद्धालुओं को उसी रास्ते से वापस लौटने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इसके बजाय निकासी के लिए पीछे की ओर बनाए गए दो अलग-अलग द्वारों से श्रद्धालुओं को बाहर निकाला जा रहा है। इस व्यवस्था से भीड़ का दबाव कम हो रहा है और प्रवेश तथा निकासी का प्रवाह अलग-अलग बना हुआ है। हालांकि प्रशासन ने भारी भीड़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए व्यापक तैयारी की थी, लेकिन मंगलवार को अपेक्षा के अनुरूप भीड़ नहीं उमड़ी। पिछले हादसे का असर और प्रशासन की सख्ती के कारण श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। इसके बावजूद जो श्रद्धालु पहुंचे, उन्होंने शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से दर्शन किए। मंदिर प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि नई व्यवस्थाएं लंबे समय तक प्रभावी साबित होंगी। उनका मानना है कि जैसे-जैसे श्रद्धालुओं का विश्वास दोबारा मजबूत होगा, वैसे-वैसे संख्या में वृद्धि होगी, लेकिन इस बार सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, निर्धारित मार्ग का उपयोग करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें। मघड़ा शीतला माता मंदिर में की गई नई व्यवस्थाएं हादसे के बाद एक मजबूत और सुरक्षित व्यवस्था की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रशासन की सतर्कता और श्रद्धालुओं के सहयोग से मंदिर परिसर में स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य होती नजर आ रही है।

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