February 15, 2026

मांझी को लेकर मुख्यमंत्री का बड़ा बयान, नीतीश बोले- वे बीजेपी से मिले हुए थे, अगर विपक्षी मीटिंग में रहते तो वहां खबर पहुंचाते रहते

पटना। जीतनराम मांझी के महागठबंधन से अलग होने को लेकर मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वे भाजपा से मिले हुए थे। अगर साथ रहते तो विपक्षी दलों की होने जा रही बैठक की बातें भाजपा तक पहुंचा देते। मांझी के भाजपा के करीब जाने की जानकारी थी। सीएम नीतीश ने कहा कि मांझी के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि सीएम ने कहा कि जीतन राम मांझी से कहा था कि या तो अपनी पार्टी का जेडीयू में विलय कर दीजिए या महागठबंधन से अलग हो जाइए। मांझी ने विलय के बजाए महागठबंधन से अलग होने का निर्णय ले लिया और उनके बेटे संतोष सुमन ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस दौरान लोकसभा चुनावों को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास बहुमत है और जाहिर तौर पर वह समय से पहले लोकसभा चुनाव करा सकती है। भाजपा को लग सकता है कि विपक्षी दलों की एकता आने वाले समय में उन्हें प्रभावित कर सकती है, इसलिए वह समय से पहले चुनाव लोकसभा करवा सकते हैं।
नीतीश बोले, वे हमसे कहे थे कि हम आपके साथ रहेंगे, लेकिन क्या हुआ आप सबको पता है
नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार हो रहा था। जदयू के विधायक रत्नेश सदा ने मंत्री पद की शपथ ली। जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन के इस्तीफे के बाद सदा को मंत्री बनाया गया है। इसी को लेकर जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल किया गया कि मांझी आप से अलग हो गए हैं और तरह-तरह के आरोप भी लगा रहे हैं। जिसके जवाब में सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि मांझी दिल्ली जाकर बात कर वापस आए थे तो हमसे कहे थे कि हम आपके साथ रहेंगे। यहां थे तो वो चाहते थे कि हम बड़े जगह पर रहे। एक बात सबको मालूम था कि वह जहां कहीं भी थे लेकिन बीजेपी के लोगों से मिल रहे थे।
मांझी महागठबंधन में रहते तो मीटिंग में जो भी बातें होतीं वह सब जाकर बीजेपी को बता देते : नीतीश
नीतीश कुमार ने कहा कि 23 जून को पटना में विपक्षी दलों की बैठक है। अगर मांझी महागठबंधन में रहते तो मीटिंग में जो भी बातें होतीं वह सब जाकर बीजेपी को बता देते इसलिए हमने पहले कह दिया था कि विलय करिए पार्टी का जेडीयू में या बाहर हो जाइए। महागठबंधन में मांझी जब थे तो बीजेपी के लोगों से मिल रह थे। हमको पता था कि वह चले जाएंगे, लेकिन आकर हमसे कहते थे कहीं नहीं जायेंगे। आपके साथ रहेंगे। नीतीश कुमार ने कहा कि आपको भी मालूम है आपको हमने इतना ज्यादा बनाया कोई दूसरा नहीं बनाया इसलिए अब या तो आप अपनी पार्टी को मर्ज कीजिए नहीं तो अलग होना है तो अलग हो जाइए। तो वह मर्ज नहीं किया और ठीक है अलग हो जाते हैं तो अलग हुआ, तो ठीक हुआ। उनके जाने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है। हमलोग 23 तारीख को मीटिंग करेंगे और अगर यह लोग उस मीटिंग में अंदर होता तो जो कुछ भी वहां तय होता ये बीजेपी वाला को बता देता, इसीलिए हमने उनसे कहा कि या तो आप मर्ज करिए या अलग हो जाइए।
जिसको बहुमत है वह चाहे तो पहले भी चुनाव करा सकता है : मुख्यमंत्री
वहीं समय से पहले चुनाव करवाए जाने की बातों को लेकर सीएम नीतीश ने कहा कि यह तो केंद्र सरकार को अधिकार है ना, वो चाहे तो समय से पहले चुनाव करा ही सकता है। जिसको बहुमत है वह चाहे तो पहले भी चुनाव करा सकता है। जब हम लोग अटल जी के साथ थे तो उन्हीं के पार्टी वाले लोग तीन चार महीने पहले चुनाव करवा दिया था, हालांकि अटल जी ऐसा नहीं चाहते थे। विपक्ष एकजुट हो रहा है तो हो सकता है उन लोगों को लगे कि यह लोग आगे मिलकर बहुत कुछ करेगा तो नुकसान होगा, इसलिए समय से पहले चुनाव करवा सकते हैं।

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