पटना में नीतीश के कार्यक्रम में भारी बवाल, सम्राट चौधरी गो-बैक के लगे नारे, विजय सिन्हा के खिलाफ भी नारेबाजी
- इस्तीफे की खबर के बीच समर्थकों में नाराजगी, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के खिलाफ विरोध
- बैनर-पोस्टर लेकर जुटे कार्यकर्ता, सियासी माहौल में बढ़ा तनाव
पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच एक नया मोड़ सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे की चर्चाओं के बीच जनता दल यूनाइटेड के समर्थकों ने खुलकर विरोध जताया है। मुख्यमंत्री के सामने ही कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे सियासी माहौल और गरमा गया। घटना के दौरान जदयू समर्थक बड़ी संख्या में एकत्रित होकर मुख्यमंत्री के समर्थन में नारे लगाते दिखे। इस दौरान “नीतीश कुमार जिंदाबाद” के नारे गूंजे, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के खिलाफ विरोध जताते हुए “सम्राट चौधरी मुर्दाबाद”, “सम्राट चौधरी वापस जाओ” और “विजय सिन्हा वापस जाओ” जैसे नारे लगाए गए। समर्थकों के हाथों में बैनर और पोस्टर भी देखे गए, जिनके माध्यम से उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के इस्तीफा देने की खबर से जदयू कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ गया है। कई समर्थकों का मानना है कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में पार्टी के साथ अन्याय हो रहा है, जिसके कारण उनका गुस्सा सड़कों पर देखने को मिल रहा है। इस विरोध प्रदर्शन ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी के अंदर और समर्थकों के बीच राजनीतिक बदलाव को लेकर चिंता और असहमति मौजूद है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में चल रहे सत्ता परिवर्तन के संकेतों ने जदयू समर्थकों को असहज कर दिया है। खासकर भाजपा के साथ रिश्तों को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई है, वह कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष का कारण बन रही है। यही कारण है कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी व्यक्त की। इस प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी। पुलिस बल मौके पर तैनात रहा, ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। हालांकि, प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से ही हुआ और किसी प्रकार की हिंसक घटना की सूचना नहीं मिली है। उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में बिहार की राजनीति में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी चर्चाओं और संभावित नए समीकरणों ने राजनीतिक दलों के बीच हलचल बढ़ा दी है। ऐसे में जदयू समर्थकों का यह प्रदर्शन आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों का संकेत भी माना जा रहा है। समर्थकों का कहना है कि वे अपने नेता के साथ खड़े हैं और किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। उनका मानना है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य ने विकास के कई चरण देखे हैं और ऐसे में उनके इस्तीफे की खबर से वे निराश हैं। वहीं, भाजपा की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में इस घटना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसे आगामी सत्ता परिवर्तन से जोड़कर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन राजनीतिक दलों के भीतर चल रही खींचतान को उजागर करते हैं। इससे यह भी संकेत मिलता है कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता किस तरह से परिस्थितियों को देख रहे हैं। फिलहाल, बिहार की राजनीति में घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है। जदयू समर्थकों का यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि राज्य की राजनीति में अभी और उथल-पुथल देखने को मिल सकती है। मुख्यमंत्री के सामने हुए इस विरोध प्रदर्शन ने बिहार की सियासत को नया रंग दे दिया है और यह आने वाले राजनीतिक निर्णयों पर भी असर डाल सकता है।


