February 11, 2026

बिहार के जिन जिलों में हिंसा हुई वहां के एसपी को तुरंत बर्खास्त करें सरकार, बजरंग दल पर भी लगे बैन : भाकपा माले

  • लेफ्ट के विधायकों ने अपनी सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन, बजरंग दल जैसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की

पटना। बिहार विधान सभा का बजट सत्र चल रहा है। आज वाम दल के विधायकों ने अपने ही सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। जिस तरह से रामनवमी के जुलूस के बाद बिहार के 2 जिलों में हिंसा भड़की है। आज इसी मुद्दे पर वामदल के विधायकों ने प्रदर्शन किया। विधायक महबूब आलम ने उन दोनों जिलों के एसपी को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की। वाम दलों के विधायकों का साफ-साफ कहना है कि अब भारतीय जनता पार्टी, आरएसएस और बजरंग दल साजिश कर रही है। साजिशकर्ताओं को सरकार जल्द से जल्द बेनकाब कर उसकी गिरफ्तारी करें। बिहार विधानसभा परिसर में भाकपा माले के विधायकों ने अपने ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक महबूब बालम ने कहा कि हम सरकार का समर्थन जरूर कर रहे हैं। लेकिन इस सरकार को कुछ बताना भी चाहते हैं। क्योंकि यह सरकार पूरी तरह से इस बार दंगा रोकने में विफल रही है। लगातार हम सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराना चाहेंगे कि जो मौके पर पदाधिकारी मौजूद थे। उन्होंने ठीक ढंग से काम नहीं किया है। इस कारण मांग करते हैं कि इन दोनों जिलों के एसपी को बर्खास्त किया जाए।
बजरंग दल जैसे संगठनों पर लगे प्रतिबंध, विशेष कमेटी बनाकर दिया जाए मुआवजा
माले विधायक महबूब आलम ने कहा की यह भाजपा, आरएसएस और बजरंग दल की साजिश है। जितने भी लोग इस दंगे के दोषी हैं, उसकी जांच होनी चाहिए। सदन में भी इस बात का मांग हमलोग करेंगे कि इसकी पूरी तरीके से निष्पक्ष जांच हो। भाकपा माले नेता ने कहा कि रामनवमी का जुलूस अब जुलूस नहीं रह गया है। मर्यादा पुरुषोत्तम राम के नाम पर जिस तरह से लोग हिंसा भड़का रहे हैं। वह कहीं से भी उचित नहीं है। उसके पीछे कहीं ना कहीं भाजपा की साजिश नजर आती है। वही बिहार सरकार को विशेष कमेटी बनाकर इस पूरे मामले की जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थिति कैसे आई। हमें लगता है कि वहां के जो पुलिसकर्मी है उसकी भी इसमें मिलीभगत हो सकती है। इसकी भी जांच होनी चाहिए। कहीं भी इस तरह का माहौल या तनाव किस कारण से हुआ यह जब तक जांच नहीं होगा। जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी तब तक हमलोगों का यह प्रदर्शन जारी रहेगा। सदन के अंदर और सदन के बाद भी हमलोग सरकार से इंसाफ करने की मांग करते हुए प्रदर्शन करते रहेंगे। इस दंगे में पीड़ितों को मुआवजा भी देनी चाहिए।

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