राबड़ी आवास पर 21 और 22 जून को राजद की समीक्षा बैठक, लालू करेंगे अध्यक्षता, कई सवालों पर होगा मंथन

पटना। देश में लोकसभा चुनाव की समाप्ति के बाद एक बार फिर एनडीए की गठबंधन वाली सरकार बन चुकी है। वहीं चुनाव परिणाम आने के बाद सभी पार्टियों के बीच समीक्षा बैठक का दौर जारी है। जहां एक एक तरफ बीते दिन बीजेपी ने अपनी समीक्षा बैठक की और कई प्रस्तावों पर चर्चा की वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी 29 जून को दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर समीक्षा बैठक करने वाले हैं। वही उसके बाद अब राष्ट्रीय जनता दल भी राजधानी पटना में समीक्षा बैठक करने जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, राजद के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने लोकसभा चुनाव के परिणामों की समीक्षा के लिए 20-21 जून को समीक्षा बैठक का आयोजन किया है। यह बैठक राबड़ी देवी के आवास पर होगी। बैठक में राजद के सभी सांसदों के साथ-साथ लोकसभा चुनाव में हारे हुए प्रत्याशियों भी शामिल होंगे। यह समीक्षा बैठक राजद के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें चुनावी प्रक्रिया, प्रत्याशियों के प्रदर्शन, और पार्टी की अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। लालू प्रसाद यादव ने इस बैठक का आयोजन करके अपनी पार्टी के सांसदों और प्रत्याशियों के साथ उनके अनुभव को साझा करने का मकसद बताया है। राजद के इस समीक्षा बैठक में उच्च स्तरीय नेतृत्व और पार्टी के महत्वपूर्ण सदस्य शामिल होंगे, जहां वे चुनाव के प्रत्येक पहलू को समझेंगे और भविष्य में चुनावी रणनीतियों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करेंगे। इस बैठक के माध्यम से राजद अपनी प्रक्रियाओं में सुधार कर सकती है और अगले चुनाव के लिए तैयारियों में और भी प्रभावी बन सकती है। बता दे की लोकसभा चुनाव के पहले लगातार तेजस्वी प्रसाद यादव यह कहते नजर आ रहे थे कि इस बार बिहार चौंकाने वाला रिजल्ट देगा लेकिन परिणाम सामने आए तो राष्ट्रीय जनता दल को केवल निराशा हाथ लगी। जहां एक और उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी में दमदार प्रदर्शन किया वहीं बिहार में राष्ट्रीय जनता दल जो कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में काम कर रहा था उसने बेहद खराब स्ट्राइक रेट से चार सीटों पर जीत प्राप्त की हालांकि यह उनके 2019 के प्रदर्शन से काफी अच्छा रिजल्ट था लेकिन स्ट्राइक रेट के मामले में राष्ट्रीय जनता दल ने बिहार में बेहद खराब प्रदर्शन किया जिसको लेकर राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव पार्टी के अंडे नेताओं के साथ समीक्षा बैठक करने वाले हैं। लोकसभा चुनावों के लिए कैंपेन करने के दौरान लालू प्रसाद यादव के बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने शारीरिक रूप से अस्वस्थ होने के बावजूद दो सौ से अधिक चुनावी रैलियों को संबोधित किया। लेकिन लोकसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद कई लोगों का मानना है कि इंडिया गठबंधन के लिए सिर्फ नौ सीटें जीतकर उन्होंने बहुत कम उपलब्धि अर्जित की है। इंडिया गठबंधन ने बिहार में जो नौ सीटें जीतीं, उनमें से चार लालू प्रसाद की राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को मिलीं, जबकि उन्होंने 23 सीटों पर चुनाव लड़ा। हालांकि यह सच है कि लालू की राजद केवल चार सीटें जीत सकी लेकिन उसका वोट शेयर राज्य में सबसे अच्छा 22।49% है। इसी तरह कांग्रेस का वोट शेयर पिछली बार के 7.85% से बढ़कर 9.2% हो गया। 2019 के चुनाव की तुलना में एनडीए को नौ फीसदी वोट का नुकसान हुआ है। बीजेपी 2019 के लोकसभा चुनाव में 24.05% वोट शेयर से कम होकर 20.15% हासिल कर सकी, जबकि उसके द्वारा लड़ी गई सीटों की संख्या 17 ही रही। जदयू का वोट शेयर भी पिछली बार के 22-26% से घटकर 18.52% ही रह गया। सीट बंटवारे के फॉर्मूले की घोषणा में देरी के अलावा उम्मीदवारों के नामों की घोषणा में भी देरी की शिकायतें सामने आई थीं। दरअसल, चुनाव शुरू होने के ठीक पहले ही कई उम्मीदवारों के नाम तय हुए। ऐसा राजद, कांग्रेस और वीआईपी के कई प्रत्याशियों के साथ हुआ। इस सबके अलावा वीआईपी इंडिया गठबंधन में बहुत देर से शामिल हुई थी।

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