बिहार में प्री-मानसून का असर तेज, ‘काल वैशाखी’ से आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का खतरा

  • अगले 24 घंटों के लिए कई जिलों में चेतावनी, 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
  • तापमान में गिरावट के बाद 11 अप्रैल से फिर बढ़ेगी गर्मी, मौसम विभाग ने सतर्क रहने की दी सलाह

पटना। बिहार में प्री-मानसून के दौरान बनने वाला खतरनाक मौसम तंत्र ‘काल वैशाखी’ सक्रिय हो गया है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए राज्य के अधिकांश इलाकों, विशेषकर उत्तर और पूर्वी बिहार में चेतावनी जारी की है। इस दौरान तेज आंधी, बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। साथ ही 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी व्यक्त की गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी युक्त हवाओं और उत्तर-पश्चिम दिशा से सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण प्रणाली के मिलन से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इसके कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है, जिससे अचानक तेज हवा, बारिश और आंधी जैसी परिस्थितियां बन रही हैं। इस मौसमी बदलाव का असर राज्य के तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है, जहां अधिकतम तापमान में लगभग चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। राज्य में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिले। एक ओर कैमूर जिले के भभुआ में अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। वहीं राजधानी पटना में दोपहर बाद हुई हल्की से मध्यम बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया और तापमान गिरकर 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा औरंगाबाद जिले के कुटुंबा क्षेत्र में 2.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो इस अवधि में सबसे अधिक रही। बीते 24 घंटों के दौरान पटना, बांका, गोपालगंज, बेगूसराय समेत कुल 11 जिलों में बारिश हुई है। पटना में सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद दोपहर में तेज बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं छपरा जिले में 34.3 डिग्री सेल्सियस के साथ अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जो इस दौरान सबसे अधिक गर्म क्षेत्र रहा। हालांकि बारिश और तेज हवाओं के कारण अधिकांश जिलों में तापमान में गिरावट देखी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति अभी एक-दो दिनों तक बनी रह सकती है। इस दौरान कई स्थानों पर तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर खुले स्थानों में रहने, पेड़ों के नीचे खड़े होने और बिजली गिरने के समय सुरक्षित स्थान पर रहने को कहा गया है। पटना सहित आसपास के क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। यहां भारी बारिश की संभावना कम बताई गई है, लेकिन हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। दिन के समय उमस बनी रह सकती है, जबकि तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 अप्रैल के बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होने लगेगा। इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी शुरू होगी और अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। अप्रैल के मध्य तक गर्मी अपने तीखे तेवर दिखाने लगेगी और लोगों को फिर से गर्म हवाओं का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी युक्त हवाओं के संयुक्त प्रभाव से यह अस्थिर मौसम बना हुआ है। इस दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत है।

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